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रेलवे के अंडरब्रिज में भरा पानी, म्याना में फंसी एंबुलेंस, ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर शव को ले जाना पड़ा

रविवार को जिले में अलग-अलग जगह बने रेलवे अंडर ब्रिजों की यह स्थिति सामने आई

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रेलवे के अंडरब्रिज में भरा पानी, म्याना में फंसी एंबुलेंस को ट्रैक्टर से निकाला गया, लगा जाम

रेलवे के अंडरब्रिज में भरा पानी, म्याना में फंसी एंबुलेंस को ट्रैक्टर से निकाला गया, लगा जाम

शहर के रेलवे अंडरब्रिजों में भराया बारिश के पानी कई मोहल्ले, कॉलोनियों और कई क्षेत्रों सहित गांवों का रास्ता बंद होने से लोगों और वाहन चालाकों को हुई परेशानी। वहीं शहर के नाले और नालियों की सफाई की नगरपालिका ने नहीं ली सुध, एसडीएम दौरे करने में लगे हुए, नहीं दिख रहा बदलाव।

श्रीराम कॉलोनी-बीजी रोड: इस अंडरपास में भी पानी भरा हुआ था। जिसमें से निकलने वाले वाहन साइलेंसर में पानी भर जाने से बंद होते देखे गए। इस अंडर ब्रिज से श्रीराम कॉलोनी, रसीद कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में आना-जाना प्रभावित होता दिखाई दिया। अंडरपास के अलावा यहां दूसरे रास्ते भी आने-जाने के हैं। लेकिन घूमकर जाना पडता है।

गुना. रेलवे द्वारा सात वर्ष पूर्व अंडर ब्रिज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसमें हर बारिश में पानी भर जाने से कई कॉलोनी, मोहल्ले का रास्ता बंद हो जाता है। लोगों को कई घंटे तक पानी निकलने का इंतजार करना पड़ता था। यह समस्या एक जगह की नहीं है बल्कि शहर की कई कॉलोनी, मोहल्ले और गांवों के आने-जाने वालों का रास्ता है। शहर के बीजी रोड, श्रीराम कॉलोनी, बांसखेड़ी अंडरपास से 7 कॉलोनी, मोहल्ले का रास्ता बंद हो जाता है।

ऐसा ही एक दृश्य म्याना के अंडर ब्रिज का दिखा, जहां भदौरा के पास एक्सीडेंट में मृत म्याना निवासी पूरन कुशवाह का शव एक एंबुलेंस लेकर अंडर ब्रिज से निकल रही थी, जो फंस गई, इसके बाद एंबुलेंस को ट्रैक्टर से निकला गया। इस अंडर ब्रिज में पानी भरे होने से ललितपुर, नई सराय, चंदेरी, अशोकनगर का मार्ग भी बाधित हो गया था। इसी तरह पगारा, म्याना, खेजरा, राघौगढ़ अंडरब्रिज से दूसरे जिले और कई गांव का रास्ता बंद है। यह समस्या हर बारिश में सामने आती है। रेलवे ने कोई हल नहीं निकाला है, लेकिन कुछ जगहों पर अंडरब्रिज के बाहर पाइप डालकर पानी दूसरी जगह जमाकर मोटर से बाहर निकालने का इंतजाम किया है। लोगों का कहना है कि डिजाइन ही शुरू से विवादित रहा है, इसे बनाने वाले इंजीनियरों ने पहले ही इस पर ध्यान नहीं दिया। यह मामले समय-समय पर उठते रहे, लेकिन निराकरण कुछ नहीं हुआ।

बांसखेड़ी: इस अंडरपास में भी दूसरे की तरह बारिश में समस्या होती है। इस अंडर ब्रिज से निकलने वाले वाहन बंद होते देखे गए। यहां से 4 मोहल्ले के लोग निकलते हैं। पानी भरने की वजह से इन्हें इंतजार करना पड़ता है या फिर पटरी पार कर जाना होता है।

एसडीएम को मिल रही है पुरानी स्थिति

इधर पिछले साल हुई बारिश को देखते हुए बाढ़ से निपटने के लिए कलेक्टर ने सभी एसडीएम से कहा था कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को देखें, वहां पर सुरक्षा के इंतजाम करें। इस वजह से सभी एसडीएम ने इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्हें कई जगह जस की तस स्थिति मिल रही हैं। सुधार के लिए नगर निकायों को निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

म्याना: म्याना का अंडरपास तो गुना से ही संपर्क तोड़ देता है। इससे लोगों के वाहन यहां फंस जाते हैं। उन्हें पानी में से होकर निकलना पड़ता है। हालांकि यहां पर पानी निकासी के लिए मोटर लगाई गई है। लेकिन यह स्थाई हल नहीं है। इस अंडर ब्रिज में पानी भरा हुआ मिला।

शहर के बुरे हाल

खेजरा: इस अंडरपास की वजह कई नवीन कॉलोनी और गांव में पहुंचना मुश्किल होता है। क्योंकि कई कॉलोनी रेलवे क्रॉसिंग के उस पार हैं, इससे रास्ता प्रभावित होता है। लोगों का यहां से निकलना मुश्किल होता है तो वह पटरी पार कर ही आते-जाते हैं। जिससे कारण हादसे होने का डर भी बना रहता है।

गुना शहर की सड़कें खुदी पड़ी हैं। सीवेज लाइन डाली, लेकिन समय पर सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। इससे लोग रविवार को लोग इससे हुई कीचड़ में वाहन फंसते नजर आए। वहीं नपा ने लाखों रुपए खर्च कर शहर की नाले, नालियों की सफाई का ठेका दिया है। लेकिन ठेकेदार ने अब तक मोहल्ले, गली और कॉलोनी में सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।