
Punjab and Haryana High Court
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने एडवोकेट पंकज चांदगोठिया द्वारा दायर जनहित याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब 100 मिनट तक सुनवाई की। याची ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि जब यूटी चंडीगढ़ ने सब कुछ खोल ही दिया है तो कोर्ट व मंदिर भी खोल दे।
24 घंटे में बैठक करें
न्यायाधीश ने कहा कि सुखना झील पर उन्होंने देखा कि कितने लोग घूम रहे हैं, जो गलत है। कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष 24 घंटे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करें और विचार किया जाए कि चंडीगढ़ प्रशासन ने जो छूट दी है क्या वह गाइडलाइन अनुसार है। इससे पहले गत दिवस भी इस मामले पर सुनवाई हुई थी। मामले में प्रशासन को 24 घंटे के अंदर इस विषय पर जवाब देने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने प्रशासन के फैसले पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि अभी सामान्य स्थिति नहीं है लेकिन प्रशासन कैसे इसको सामान्य मानकर बाजार खोलने व भीड़ एकत्रित करने की गलती कर रहा है।
क्या कहा गया है याचिका में
जनहित याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि जब केंद्र सरकार ने शहर को रेड जोन में रखा है तो क्यों यहां इतनी ढील दी जा रही है। शहर को रेड जोन घोषित किया है, बावजूद इसके नगर प्रशासन ने शहर में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक बाजारों को खोलने का फैसला कर लिया और बाजार खोल दिए, न ही वाहनों की आवाजाही ही कोई रोक लगाई गई है। इंटर-स्टेट ट्रैफिक पर भी कोई नियंत्रण नहीं किया जा रहा। मोहाली और पंचकूला से आने वाले वाहनों को बिना पास के ही शहर में प्रवेश की इजाजत दे दी गई है। नतीजा यह हुआ है कि सड़कों पर वाहनों की भरमार हो गई है।
दो दिन का हवाला दिया
इस पर चंडीगढ़ प्रशासन के वकील ने आग्रह किया कि लॉकडाउन के केवल दो दिन शेष रह गए हैं। नई गाइडलाइन जारी होने वाली है। अगर इसी बीच कुछ बदलाव किया जाता है तो लोगों के बीच कंफ्यूजन होगा। इस पर बेंच ने कहा कि आगे से जो भी गाइडलाइन जारी होने वाली है, यूटी प्रशासन उसके तहत ही छूट व निर्णय ले। छूट देने से पहले यूटी प्रशासन केन्द्रीय गृहमंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करे।
Published on:
15 May 2020 08:27 pm
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