
छह महीने पहले दी धमकी फिर किया अपहरण,पुलिस प्रशासन में हडक़ंप
ग्वालियर। घर से कोचिंग के लिए गए १०वीं के छात्र सत्यम जादौन के अपहरण केस में नया मोड़ आ गया है। पिता जयपाल जादौन का कहना है कि बेटे को फुल प्रूफ प्लानिंग से किडनेप किया गया है। उसे अगवा करने वाले लगातार धमका रहे थे नहीं छोड़ेंगे, वारदात से पांच दिन पहले भी बेटे के मोबाइल फोन पर धमकी आई थी कि पिछली बार बच गया था, इस बार मौका नहीं देंगे, सरेआम चेलेंज देकर अपहरणकर्ताओं ने बेटे को अगवा किया है, लेकिन वारदात के तीन बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई है। न तो बेटे के फोन की कॉल डिटेल निकाली है न सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं।
जयपाल जादौन ने बताया कि वह इंदौर में होटल में नौकरी करते हैं, पत्नी नीतू बेटे सत्यम (15)और शिवम (10) को पढ़ाने के लिए गोवर्धन कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहती हैं। दोनों बच्चे आदित्यपुरम में स्कूल में पढ़ते हैं। पिछले ६ महीने से सत्यम के सहपाठी टीटू, विकास और देवेन्द्र और उनका रंगबाज साथी अत्येन्द्र उसके लिए खतरा बने हैं। 6 अगस्त को चारों सत्यम को स्कूल से आदित्यपुरम के पीछे पहाडिय़ों में ले गए थे। वहां उसे कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। उसे छोडऩे के एवज में शराब पार्टी के लिए 10 हजार रुपए मांगे थे।
बेटे को किडनेप कर फिरौती मांगने का पता परिवार को चला तो पुलिस के साथ उसे सूनसान खण्डहर से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को नासमझ बताकर दो दिन बाद सिर्फ मारपीट और शराब के लिए पैसे मांगने का केस दर्ज किया था। फंसे आरोपी और उनके परिजन अब नहीं चाहते कि सत्यम उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही दे। इसलिए लगातार उसे धमका रहे थे। पांच दिन पहले भी सत्यम के फोन पर धमकी भरा कॉल आया था, फोन करने वाले ने खुद को वीरु गुर्जर बताकर धमकी दी थी कि बचकर रहना छोडूंगा नहीं। सत्यम ने मां को घटना बताई थी।
रेल पटरियों पर छोड़ा, घर नहीं लौटा
जयपाल ने बताया बेटा सत्यम सुबह सात बजे कोचिंग के लिए घर से निकला था। रिश्तेदार विवेक जादौन ने उसे कार से रेल पटरियों के पास छोड़ा था। वहां से उसकी कोचिंग महज 100 मीटर की दूरी पर थी। लेकिन टीचर रीतू त्रिपाठी के घर नहीं पहुंचा। अपहरणकर्ताओं ने उसे यहां से ही अगवा किया है।
परिजन का इन बातों पर आक्रोश
तीन दिन से पुलिस की कार्रवाई कमजोर
सत्यम घर नहीं लौटा तो नीतू ने 5 जनवरी को पुलिस सूचना दी थी, यह भी बताया था कि बेटे को छह महीने पहले भी अगवा कर बंधक बनाया था लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ में कुछ नहीं है। सत्यम से लास्ट सीन में किन लोगों की बात हुई है। उसे किस नंबर से धमकियां आ रही थीं। धमकाने वाले कौन है। सत्यम की लास्ट लोकेशन क्या थी पता लगाने के लिए उसके मोबाइल की कॉल डिटेल तक नहीं निकाली गई है।
परिजन की व्यथा है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज तक नहीं खंगाले हैं। अभी तक सिर्फ एक कैमरे की जानकारी खंगाली है वह भी खराब मिला है। पुलिस अगर अपने कैमरे खंगाले तो सत्यम के बारे में कुछ क्लू मिल सकता है। संदेहियों के नाम बताने के बावजूद 36 घंटे बाद संदेहियों की घेराबंदी की है। जिन लोगों को पकड़ा है वह भी एक दूसरे के नाम बताकर उसे गुमराह कर रहे हैं।
"लापता छात्र के मोबाइल की कॉल डिटेल मांगी है, रविवार की छुटटी होने की वजह से कॉल डिटेल नहीं मिली थी। संदेही को राउंडअप किया है। उससे पूछताछ की जा रही है। छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।"
मुनीष राजौरिया,सीएसपी मुरार
Published on:
08 Jan 2019 07:52 pm
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