
ग्वालियर. शहर के मास्टर प्लान की सडक़ें कागजों में भले ही चौड़ी और आधुनिक हों, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। अतिक्रमण हटाने में प्रशासन की सुस्ती अब विकास कार्यों पर भारी पडऩे लगी है। इसका ताजा उदाहरण झांसी रोड नाका चंद्रवदनी से विक्की फैक्ट्री तक बन रही सडक़ है, जहां मास्टर प्लान के अनुसार प्रस्तावित 40 मीटर चौड़ी सडक़ को घटाकर सिर्फ 20 मीटर में बनाया जा रहा है। करीब 16 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस सडक़ में पीडब्ल्यूडी विभाग दोनों ओर 7-7 मीटर की सडक़ और बीच में डिवाइडर का निर्माण करा रहा है। खास बात यह है कि सर्विस रोड और फुटपाथ को पूरी तरह योजना से बाहर कर दिया गया है, जिससे भविष्य में पैदल चलना भी जोखिम भरा होगा। जानकारों का कहना है कि आगे चलकर फिर से तोडफ़ोड़ कर सडक़ चौड़ी करनी पड़ेगी।
नाका चंद्रवदनी से विक्की फैक्ट्री तक कुल 49 अतिक्रमण चिन्हित किए गए, जिनमें 10 शासकीय, 39 निजी अतिक्रमण हैं। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाना शुरू किया है, लेकिन अधिकांश पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अतिक्रमण के कारण आदर्श मिल रोड, बहोड़ापुर-कटीघटी रोड और रामदास घाटी रोड का चौड़ीकरण भी अटका है। यहां 18 मीटर चौड़ी सडक़ प्रस्तावित है। संबंधित स्थानों पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विक्की फैक्ट्री से नाकचंद्रवदनी रोड तक का कार्य शुरू करा दिया गया है। अभी एक साइट ही सीसी की रोड बनाई जा रही है। हम दोनों ओर 7-7 मीटर की सडक़ और बीच में डिवाइडर को बनाएंगे और झांसी रोड थाने के सामने सिर्फ सर्विस रोड बनाया जाएगा। कुछ लोगों ने अभी अतिक्रमण हटा लिया है, बाकी लोग यदि नहीं हटाएंगे तो वहां कार्रवाई करेंगे। एस्टीमेट ही हमें 20 मीटर की सडक़ बनाने का दिया गया है।
देवेंद्र भदौरिया, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी विभाग
Updated on:
12 Jan 2026 06:02 pm
Published on:
12 Jan 2026 06:01 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
