
सीएम हेल्पलाइन
ग्वालियर. शहर में नल से गंदा पानी आ रहा हो, गड्ढों से सड़क छलनी हो या पुलिस में सुनवाई न हो, लोग सीधे सीएम हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटा रहे हैं। नतीजा यह है कि जिले में 15 हजार से अधिक शिकायतें लंबित हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें नगर निगम और पुलिस विभाग से जुड़ी हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन विभागों की कई शिकायतें बंद नहीं हो पा रही हैं। शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए वे प्रकरण को क्लोज नहीं कर रहे। इससे शिकायतों का लेवल बढ़ता जा रहा है और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच रहा है। हर सप्ताह सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक हो रही है। शासन स्तर पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कम से कम 80 फीसदी शिकायतों का निराकरण तय समय सीमा में किया जाए। इसके बावजूद शिकायतों का ग्राफ नीचे नहीं आ रहा है। असल समस्या यह है कि छोटी-छोटी दिक्कतों के समाधान के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो वे हेल्पलाइन का सहारा लेते हैं। बढ़ती शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि विभागीय सेवाओं से लोगों की संतुष्टि का स्तर घट रहा है।
शिकायत करने में सबसे ऊपर नाम
केस-1: अर्चना ने 45 दिन में 9 शिकायत दर्ज की हैं। इनकी शिकायतों में सड़क, सीवर व पेयजल से जुड़ी शिकायतें हैं। 45 दिन में सबसे ज्यादा शिकायत दर्ज कराने में सबसे ऊपर नाम हैं।
केस-2: इरशाद ने पुलिस विभाग की शिकायत की है। सीएम हेल्पलाइन में 8 शिकायतें दर्ज कर चुके हैं। इस वर्ष सबसे ज्यादा शिकायत दर्ज कराने में दूसरे नंबर पर हैं।
पांच टॉप विभाग
विभाग शिकायत
नगर निगम 3500
पुलिस 2400
राजस्व 2000
ऊर्जा 1000
पीएचई 500
हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है
सीएम हेल्पलाइन को लेकर हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। एल-1 स्तर पर शिकायत को निराकृत किया जा रहा है।
रुचिका चौहान, कलेक्टर
Updated on:
03 Mar 2026 07:16 pm
Published on:
03 Mar 2026 07:08 pm
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