28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अबूझ मुहूर्त में हुईं 200 शादियां, जानिए शादियों के इस विशेष महत्व को

फुलेरा दोज आज...त्रिपुष्कर योग का विशेष संयोग, अबूझ मुहूर्त में आज होंगी 200 शादियां
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Harsh Dubey

•

Updated: 21 Feb 2023, 10:19 PM IST

dsdqetrw4aahyc5.jpg

ग्वालियर. हिंदू धर्म में फुलेरा दोज का विशेष महत्व है। इस दिन से ही रंगों के त्योहार होली की शुरुआत हो जाती है। फुलेरा दोज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन पहले मनाई जाती है। इस बार यह तिथि 21 फरवरी मंगलवार को है। इस दिन त्रिपुष्कर योग का शुभ संयोग भी रहेगा, जो सुबह 9 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 5.57 बजे तक रहेगा। फुलेरा दोज पर अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए मंगलवार को शहर में सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन किए गए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में शादियां होंगी। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 200 से अधिक शादियां होंगी।

फुलेरा दोज की तरह ही हर साल विवाह के कुछ ऐसे अबूझ मुहूर्त होते हैं जिनमें शुभ मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे अबूझ मुहूर्त में इस वर्ष 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया, 27 जून को भड़लिया नवमी और 24 नवंबर को देवउठनी एकादशी भी रहेंगे

भगवान श्रीकृष्ण और राधा को समर्पित है दिन

यह दिन भगवान श्रीकृष्ण और मां राधा रानी को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान के साथ इनका पूजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि फुलेरा दोज के दिन राधा-कृष्ण की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। राधा कृष्ण की पूजा करने से वैवाहिक व प्रेम संबंधों में कड़वाहट कम होती है और प्रेम संबंधों में मधुरता आती है।

मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं

ज्योतिषाचार्य पंडित गौरव उपाध्याय के अनुसार फुलेरा दोज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन विवाह करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। गृह प्रवेश, गृह आरंभ, वाहन, प्लॉट मकान आदि खरीदने के लिए भी ये मुहूर्त खास माना जाता है।

शिव योग में मनी सोमवती अमावस्या
महिलाओं ने की पीपल की पूजा, दान किया

साल की पहली सोमवती अमावस्या सोमवार को शिव योग में दान-पुण्य के साथ मनाई गई। इस दिन स्नान और दान करने वाले को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। सुबह शहर के शिव मंदिरों अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर, भूतेश्वर, मारकंडेश्वर, हजारेश्वर मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया। वहीं ओल्ड हाईकोर्ट रोड स्थित गिर्राज मंदिर पर परिक्रमा लगाई। श्रद्धालुओं ने दान पुण्य के साथ अपने पितरों को प्रसन्न करने उनकी पूजा की और महिलाओं ने पीपल के पेड़ की पूजा-परिक्रमा कर पति की दीर्घायु की कामना की।


हरिनाम संकीर्तन प्रभात फेरी निकली

अमावस्या के मौके पर सुबह चंद्रबदनी नाका से हरिनाम संकीर्तन प्रभात फेरी निकाली गई। ये प्रभात फेरी रविशंकर हॉस्टल के हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर नहर वाली माता, पारस विहार कॉलोनी, झांसी रोड, पॉलिटेक्निक कॉलेज होकर वापस हनुमान मंदिर पर संपन्न हुई। मीडिया प्रभारी बलवीर सिंह परमार ने बताया कि हरिनाम प्रभात फेरी का जगह-जगह माल्यार्पण व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

ाद्धालुओं को फल-मिष्ठान का वितरण भी किया गया। प्रभात फेरी में प्रधान सिंह भदौरिया, बीपीएस सेंगर, रामू रामानी, दिलीप हूंदवानी, लक्ष्मण शर्मा, हिमांशु, हितेश, दुर्गेश भदौरिया, गोविंद राठौर, लता खत्री, उर्मिला सोनी, सलोनी, अंजू, शंकुतला चौहान आदि उपस्थित थे।