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Gwalior Nagar Nigam- सालों से एक सीट पर जमे निगम अफसरों को प्रशासक ने लगाई फटकार

- ये दिया होमवर्क : सालभर की प्लानिंग बनाएं, 15-15 दिन का लक्ष्य तय करें, रोज डायरी मेंटेन करें - आप खुद नहीं चाहते माहौल सुधारना, आए दिन लग रहे हैं लेनदेन के आरोप

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Gwalior nagar nigam

ग्वालियर। नगर निगम ग्वालियर के प्रशासक आशीष सक्सेना ने मास्टर की हैसियत से अधिकारियों की क्लास लगाई। उनके लापरवाह रवैए पर फटकार लगाते हुए कहा, कई अधिकारी-कर्मचारी एक ही सीट पर सालों से जमे हुए हैं, इनकी अदला-बदली क्यों नहीं की जा रही? आप खुद निगम का माहौल सुधारना नहीं चाहते। आए दिन लेनदेन के आरोप लग रहे हैं।

शुक्रवार को निगम मुख्यालय में समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपने अपने विभाग के लिए एक साल की प्लानिंग बनाने और उसके क्रियान्वयन के लिए 15-15 दिन का लक्ष्य तय करने को कहा। हर दिन के काम की डायरी मेंटेन करें जिससे मालूम हो सके कि आप क्या करते हैं। संपत्तिकर, जलकर व अन्य करों की वसूली के लिए भी 15 दिन का टारगेट कर वसूली का कार्य तेजी से किया जाए। इस दौरान निगम आयुक्त किशोर कान्याल, अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, मुकुल गुप्ता, अतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्थापना शाखा : एक सीट पर आखिर कैसे जमे हैं कर्मचारी
स्थापना शाखा के प्रभारी अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव से कहा कि निगम में कई अधिकारी-कर्मचारी सालों से एक ही सेक्शन व एक ही सीट पर आखिर कैसे जमे हुए हैं, इनकी अदला बदली क्यो नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों को समय पर वेतन क्यों नहीं मिल रहा। कर्मचारियों का कम्प्यूटराइज्ड डाटा बेस तैयार करें और सभी अधिकारी-कर्मचारी को बदलें। समय पर सभी को सैलरी दी जाए।

भवनशाखा: ऑनलाइन आवेदन नहीं, एजेंट अधिक पैसा ले रहे
भवन शाखा प्रभारी पवन सिंघल से पूछा कि भवन अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन क्यो नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन नक्शा इसलिए नहीं हो पा रहे है कि एजेंट लोगों से अधिक पैसा ले रहे हैं। आप खुद लोगों को ऑनलाइन अनुमति के लिए जागरूक करें, आप खुद बदलाव करें। भवन अनुमति के नाम पर जो देनलेन कर रहे हैं उन्हें खत्म करें, वरना मैं कार्रवाई करूंगा।

फायर विभाग : 200 का स्टाफ लेकर कर रहे हादसे का इंतजार
फायर ब्रिगेड शाखा के श्रीकांत काटे से कहा कि आप आग लगने का इंतजार क्यों कर रहे हो। आग नहीं लगे इसके लिए प्लानिंग बनाएं। शहर में सभी दुकानें, गोदाम, अस्पताल, कॉलेज व स्कूलों को नोटिस जारी करें और सभी को एनओसी दिलवाएं। आप 200 लोगों को स्टाफ लेकर बैठे हो, ऐसे काम नहीं चलेगा, सिफारिश के भरोसे न रहें, आप काम करें।

वर्कशाप : 6 माह में बंद कर निजी एजेंसी से कराएं
वर्कशॉप में वाहनों की मरम्मत में लेटलतीफी और भारीभरकम खर्च को लेकर उन्होंने प्रभारी शैलेंद्र सक्सेना से कहा कि वर्कशॉप का कोई काम नहीं है। यहां वाहन 15 से 30 दिन में सही होकर आते हैं। इसे छह महीने में बंद कर दें। हम निजी एजेंसी के माध्यम से वाहनों को ठीक करवाएंगे।

बिजली : प्लानिंग फेल, फिर समाधान कैसे करेंगे
विद्युत शाखा प्रभारी देवी सिंह राठौर से कहा कि आपकी कोई प्लानिंग नहीं है, एकदम फेल हो। पोल की नंबरिंग क्यो नहीं करते हो, आखिर शिकायत आने पर समस्या का समाधान कैसे करेंगे। शहर के सभी पोल की नंबरिंग करें और सालभर के लिए अच्छा प्लान बनाएं।

संपत्तिकर : लेनदेन के जुगाड़ में ही न लगे रहें
संपत्तिकर को लेकर उन्होंने कहा कि कर वसूली उसी दिन से हो, जिस दिन से संपत्ति खरीदकर निगम में दर्ज की गई हो। किसी से अतिरिक्त कर न लिया जाए। सभी टीसी, एपीटीओ व उपायुक्त ईमानदारी से जनता के काम करें, लेनदेन की जुगाड़ में न रहें, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुराना संपत्तिकर वसूलने सात दिन का लक्ष्य रखें।

पीएचई : वैध नहीं कर पाए अवैध कनेक्शन
पीएचई शाखा प्रभारी आरएलएस मौर्य से कहा, आप आज तक अवैध कनेक्शन को वैध नहीं कर पाए, आखिर क्यो। सभी इंजीनियर, सब इंजीनियर, कार्यपालन यंत्री व अधीक्षण यंत्री फील्ड में उतरकर कार्य करें और वसूली का लक्ष्य तय करें। साथ ही पूरानी वसूली अधिक से अधिक करें।

यह भी दिए निर्देश
- जनकल्याण शाखा के कर्मचारी स्वयं पात्र हितग्राही तक पहुंचें।
- किसी हितग्राही को निगम के बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़ें।
- ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों में पोल लाइन लगाने का कार्य किया जाए।
- विद्युत विभाग के कर्मचारियों को पोलवार जिम्मेदारी सौंपी जाए।