
ग्वालियर। जिन्होंने जिंदगी भर साथ रहने की कसम खाई थी हमेशा प्रेम के साथ रहे, उन्हें मौत भी जुदा नहीं कर पाई। भिंड के गोहद में एक वृद्ध ने अपनी पत्नी के वियोग में प्राण त्याग दिए। दरअसल दो दिन गोहद के शिवचरन लाल गुप्ता की पत्नी केलादेवी की मौत हो गई। बीते रोज उनकी उठावनी थी। उठावनी पर शिवचरन पत्नी के फोटो को देखते रहे और फोटो देखते ही देखते उन्होंने प्राण त्याग दिए। ये पूरा वाकया गोहद ही नहीं बल्कि अंचल में सच्चे और अटूट प्रेम की मिशाल के तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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स्थानीय निवासी शिवचरन लाल गुप्ता की धर्मपत्नी कैलादेवी का देहांत 11 सितम्बर को हो गया था, जिनकी उठावनी 13 सितम्बर को चक्रधारी मैरिज हाल गोहद में आयोजित की गई थी। उठावनी में गुप्ता के सभी रिश्तेदार, इष्टमित्र, शुभचिंतक एकत्रित हुए थे।
उठावनी का कार्यक्रम चल ही रहा था कि वहां मौजूद शिवचरनगुप्ता को अचानक असहनीय दर्द हुआ तथा वह बेसुध होगए। उन्हें तुरन्त गोहद अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर उठावनी स्थल तक पहुंची तो माहौल पुन: गमगीन हो गया। हिन्दू संस्कृति में पति पत्नी का संबन्ध जन्म जन्मांतर का और अटूट बताया गया है। यहां लोगों में चर्चा है कि गुप्ता दंपति में कितना प्रेम था कि ईश्वर ने उन्हें एक साथ विश्रांति दी।
अंतिम पलों में पत्नी की फोटो निहारते रहे
जिनके साथ पूरा जीवन बिताया उनका जाना क्या होता है इस बात का अहसास शिवचरनलाल गुप्ता को दो दिन पहले हुआ। इन दो दिनों में वे काफी चुप चुप भी रहे। बीते रोज उठावनी पर जब उनकी मौत हुई तो उससे पहले वे अपनी पत्नी की तस्वीर को निहार रहे थे और तस्वीर को निहारते निहारते ही उनकी मौत हो गई।
Published on:
15 Sept 2017 01:21 pm

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