
- पार्षद पति की गाड़ी में भी की तोड़फोड़, बेबस माता-पिता बोले- इसे जेल में डाल दो
- दिल्ली में छह साल की मासूम के साथ रेप के आरोपी नाबालिग को भी मां ने पुलिस को सौंपा
- अनकंट्रोल्ड हो रहे नाबालिग, समाज का विकृत चेहरा, माता-पिता इतने परेशान की खुद कहते हैं जेल भेज दो
आखिर क्या हो रहा है नाबालिगों को ? दिल्ली में झकझोर देने वाली घटना जिसमें तीन नाबालिगों ने एक छह साल की मासूम का रेप किया। एक मां ने बच्ची का दर्द देखकर खुद आरोपी बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया। ग्वालियर में सागर ताल निवासी एक परिवार अपने नाबालिग बेटे से इतना परेशान हो गया कि उसकी हरकतों के खुद बोले इसे जेल भेज दो....
ग्वालियर. शहर के सागरताल इलाके में रहने वाले एक वन रक्षक के 16 वर्षीय बेटे की सनक ने पुलिस और आम जनता की नींद उड़ा दी। नशे के आदी इस नाबालिग ने महज दो दिनों के भीतर न केवल एक बैंक के एटीएम को आग के हवाले किया, बल्कि रिहायशी इलाके में खड़ी कारों को फूंक दिया और जमकर तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब पकड़े जाने पर उसके माता-पिता ने ही हाथ खड़े कर दिए। खुद नगर निगम में पदस्थ मां और वन रक्षक पिता ने रुंधे गले से पुलिस से कहा— हम इस बेटे से तंग आ चुके हैं, इसे सुधार गृह नहीं, सीधा जेल में डाल दो।
पुलिस के अनुसार, यह किशोर पांच दिन पहले घर में झगड़ा कर निकला था। दो दिन पहले इसने किलागेट चौराहा स्थित एक बैंक के एटीएम में घुसकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। एटीएम का 'सेफ्टीअलार्म' बजा, जिसकी सूचना बैंक के मुंबई मुख्यालय स्थित सिक्योरिटी सर्विलांस टीम ने तत्काल ग्वालियर पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंचती, यह सनकी वहां से भाग निकला।
पच्चीपाड़ा में कार में आग लगाई
एटीएम के बाद इस उत्पाती ने उपनगर ग्वालियर की पच्चीपाड़ा बस्ती को निशाना बनाया। वहां इसने शंकर सिंह तोमर की कार के बोनट पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद भी इसकी सनक शांत नहीं हुई और इसने वार्ड 13 की पार्षद ज्योति सिंह के पति दिनेश सिंह सिकरवार की कार (MP 07 CG 3472) पर पत्थर बरसाकर उसके कांच तोड़ दिए। सिलसिलेवार वारदातों से पूरी बस्ती में दहशत फैल गई।
सीसीटीवी से खुला राज, माता-पिता ने सुनाई दुखभरी दास्तां
बस्ती और एटीएम के फुटेज खंगालने पर पुलिस इस नाबालिग तक पहुंची। जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो माता-पिता का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि बेटा नशे का आदी है और आवारा लड़कों की संगत में रहता है। वे अब इसे सुधारने की उम्मीद खो चुके हैं और कानून जो चाहे वह सजा दे।
अधिकारी का वर्जन:
एटीएम और कारों में आगजनी व तोड़फोड़ के मामले में बाल अपचारी को पकड़ा गया है। उसे बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। हालांकि लड़का वारदातों की कोई ठोस वजह नहीं बता रहा है, वह सिर्फ सनक की बात कर रहा है।
— अनु बेनीवाल, एएसपी, ग्वालियर
पत्रिका व्यू: नशे का अंधेरा और भटकता किशोरवय
यह घटना समाज के लिए एक अलार्म' की तरह है। एक 16 साल के किशोर का इतना हिंसक हो जाना कि वह सार्वजनिक संपत्तियों को आग लगाने लगे, यह केवल उसकी व्यक्तिगत सनक नहीं, बल्कि नशे के बढ़ते जाल का परिणाम है। जब सरकारी पदों पर बैठे माता-पिता अपने ही बच्चे के खिलाफ पुलिस से उसे जेल भेजने की गुहार लगाने लगें, तो समझा जा सकता है कि स्थिति कितनी गंभीर है। सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ ऐसे बच्चों को मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी सख्त जरूरत है।
Updated on:
30 Jan 2026 08:30 pm
Published on:
30 Jan 2026 08:30 pm
