
ग्वालियर/मुरैना। प्रधानमंत्री मोदी इस समय गुजरात चुनाव में व्यस्त हैं। जिसे लेकर पुरे भारत में चर्चा है। मोदी का नाम देश के कौने-कौन में प्रसिद्ध है। मोदी के नाम की चर्चा भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में सुनने को मिलती है। लेकिन आपको पता चले की अपने देश में ही प्रधानमंत्री मोदी को कोई जाने न...जी पड़ा गए न आप भी अचरज में म.प्र के मुरैना तहसील के एक सरकारी मिडिल स्कूल के प्रधानअध्यापक को यह नहीं मालूम है कि देश का पीएम कौन है। जब उनसे इस बारे में अधिक जानकारी लेने की कोशिश की गई तो वे टालमटौल करने लगे।
देश की प्राथमिक शिक्षा की हालत सभी को मालूम है। आए दिन प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों की नॉलेज से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से सामने आया है। जहां पर एक मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं पहचानते हैं। मुरैना के डिप्टी एजुकेशन ऑफिसर सुरेश जाधव ने जिले के कुछ स्कूलों का दौरा किया। जब वे मिडिल स्कूल दीपैरा पहुंचे तो उन्होंने स्कूल के टीचर से जिले के कलेक्टर का नाम पूछा तो वे बता नहीं पाए। इसी स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अलग-अलग तस्वीरें दिखाई गईं तो वह उन्हें नहीं पहचान सके।वहीं एक जब एक अन्य गांव रम्पूपुरा के प्राइमरी स्कूल में अध्यापक विवेक व सत्यराम से पूछा कि प्रदेश में कितने संभाग हैं तो वे जवाब नहीं दे पाए। ऐसा ही नजारा दीपैरा मिडिल स्कूल में देखने को मिला। डीईओ ने स्कूल में कक्षा 9 के बच्चों से किताब के पहले पाठ का नाम पूछा गया तो बच्चे वह भी नहीं बता पाए।
सोचने पर मजबूर करते हैं ऐसे हालात
म.प्र के सरकारी स्कूलों की ऐसी हालत सोचने पर मजबूर करती है कि ये टीचर किस बात की सैलेरी ले रहे हैं। सरकार इन शिक्षकों को अच्छी खासी सैलरी देती है। वहीं प्राइवेट स्कूलों में चंद हजार रूपयों में योग्य शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। जिस शिक्षक को यह नहीं मालूम की देश का प्रधानमंत्री कौन है वो बच्चों को क्या शिक्षा देगा आप खुद ही सोच सकते हैं। क्या सरकार को इन लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाही नहीं करनी चाहिए।
महिलाओं के अधिकार पर हुआ सेमिनार
मुरैना। जिला पुलिस बल मुरैना द्वारा रविवार को अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर महिलाओं के अधिकार पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन पुलिस कॉन्फे्रंस हॉल में किया गया। इसमें सीएसपी सुरेन्द्र सिंह तोमर, महिला बाल विकास अंबाह के परियोजना अधिकारी परमजीत अरोरा, अभ्योदय आश्रम की संचालिका अरुणा छारी, शासकीय वृद्धाश्रम के संचालक मनीष शर्मा, एडवोकेट आशा सिंह, टीआई दिमनी शिवकुमार शर्मा, निर्भया मोबाइल प्रभारी नम्रता तोमर सहित जिले की महिला पुलिस अधिकारी मौजूद रहीं। इसमें बताया गया कि महिलाओं के अधिकारों का सभी को सम्मान करना है। अगर किसी थाने में महिला न्याय के लिए जाती है तो उसको पूरा सम्मान मिले, उसकी समस्या सुनी जाए और उस पर समय सीमा में कार्रवाई की जाए।
Updated on:
11 Dec 2017 03:40 pm
Published on:
11 Dec 2017 02:36 pm

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