
Brain hemorrhage
ग्वालियर। सर्दी बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। इन दिनों ब्रेन हेमरेज व सांस के रोगी ज्यादा सामने आ रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि इन दिनों अंचल के साथ दूसरे राज्यों से भी जेएएच के न्यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। इसमें हर दिन 10 से ज्यादा ब्रेन हेमरेज के मरीज पहुंच रहे हैं।
पिछले पांच दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ने से यहां पर इन दिनों पलंग भी कम पड़ने लगे हैं। यही हाल शहर के निजी अस्पतालों में भी बना हुआ है। इन सभी को मिलाकर हर दिन 18 के आसपास ब्रेन हेमरेज के मरीज आ रहे हैं। ब्रेन हेमरेज की समस्या सर्दी के मौसम में बढ़ जाती है, जिसमें धमनियां सिकुड़ जाती हैं और खून गाढ़ा होने लगता है। इसलिए खून का थक्का जमने से ब्रेन हेमरेज व हृदय घात होने की आशंका बढ़ जाती है।
इसमें खून का थक्का जम जाने और अचानक बीपी हाई हो जाता है। दिमाग की नसें फट जाती है। समय से इलाज न मिलने से मरीज कोमा में जा सकता है। ऐसा होने पर दिमाग का ऑक्सीजन व ब्लड की आपूर्ति नहीं हो पाती है और मरीज को लकवा मार जाता है। यह बीमारी बुजुर्गों में ज्यादा होती है, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे पीड़ित हो रहे हैं।
यह हैं लक्षण
स्ट्रोक होने के पूर्व चेहरा, हाथ पैर अचानक से सुन्न हो जाते हैं। बोलने या समझने में परेशानी होने लगती है। एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी होने लगती है। जिससे अन्य समस्याएं भी आने लगती हैं। शरीर संतुलन में नहीं रहता है।
खान-पान का विशेष ख्याल रखना जरूरी
सर्दी बढ़ते ही ब्रेन के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचने पर बचाया जा सकता है। इस सीजन में सर्दी से बचाव काफी जरूरी है। वहीं खान- पान का भी ख्याल रखना चाहिए।
डॉ अरविंद गुप्ता, न्यूरोलाजीजीआरएमसी
सर्दी में विशेष ख्याल रखने की जरूरत
ब्रेन हेमरेज के मरीज ज्यादा आ रहे हैं- हर दिन सात से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसमें 50 वर्ष से ज्यादा के मरीज अधिक आ रहे हैं। इस मौसम में विशेष तौर से सावधानी की जरूरत होती है।
डॉ. विक्रम सिंह भदौरिया,न्यूरो सर्जन
यह रखें सावधानी
-ज्यादा वजन है तो कम करें।
-तेल का पदार्थ नहीं खाएं।
-नमक की मात्रा पांच ग्राम से भी कम खाएं।
-बीपी के मरीज क्या करें
-ठंड के मौसम में सुबह बाहर नहीं निकलें।
-गर्म कपड़े पहने रहें।
-ज्यादा से ज्यादा धूप में रहें।
-ठंडा पानी नहीं पीएं।
-गुनगुने पानी से स्नान करें।
-डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खाएं।
सर्दी में डेढ़ से दो लीटर पीना चाहिए
सर्दी में लोग पानी कम पीते हैं। इससे कई सारी बामारियों का खतरा हो जाता है। सर्दी के दिनों में हर दिन डेढ़ से दो लीटर पानी पीना चाहिए, जिससे खून गाढ़ा न हो सके और समस्या से बचा जा सकता है, लेकिन इन दिनों लोग पानी का सेवन कम करते हैं।
हार्ट और बीपी के मरीजों को ज्यादा देखरेख की जरूरत
सर्दी के दिनों में वैसे तो सभी को अपने शरीर का ख्याल रखना चाहिए। लेकिन उसमें भी हार्ट और बीपी के मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीजों को अपनी दवाएं खाते रहने के साथ नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए।
इसलिए होता है ब्रेन स्ट्रोक
अधिक ठंड पड़ने या ठंडे मौसम के अधिक समय तक रहने पर खासकर उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। इसके अलावा सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं जिसके कारण रक्त गाढ़ा हो जाता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
छुट्टी के बाद ओपीडी में 3416 मरीज पहुंचे
छुट्टी के बाद जेएएच में मंगलवार को 3416 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को दो घंटे की ओपीडी में 810 मरीज पहुंचे थे। लेकिन मंगलवार को सुबह से ही मरीजों की अच्छी भीड़ रही। हालात यह हो गए कि हजार बिस्तर में ओपीडी की खिडक़ी और दवा वितरण केंद्र पर भी अच्छी भीड़ दोपहर दो बजे तक लगी रही। मंगलवार को सबसे ज्यादा मरीज 562 मेडिसिन के आए। इसमें सर्दी, खांसी, बुखार के साथ कई बीमारियों के मरीज पहुंचे। इसके साथ ही आर्थो व अन्य रोग के मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। वहीं डॉग बाइट के 128 मामले आए।
Published on:
27 Dec 2023 11:53 am
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