
ग्वालियर। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान उपद्रव का फुलप्रूफ प्लान था। उपद्रव में पकड़े गए एमआइटीएस कॉलेज के चपरासी राजकुमार पारख निवासी शिवनगर गली नंबर दो ने इंट्रोगेशन में खुलासा किया है कि तैयारियां करीब १० दिन पहले से चल रही थीं। उसकी बस्ती में लोगों को भड़काने का जिम्मा एस-३(सम्यक समाज संघ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध के हवाले था। २३-२४ मार्च से लाखन सिंह लगातार बस्तियों में सक्रिय था। उसने घनी बस्तियों में लोगों को इक्टठा कर यह कहकर भड़काया कि सरकार ने एससी,एसटी कानून खत्म कर दिया है,हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है।
हक की लड़ाई के लिए सबको तैयार रहना है। युवाओं की जरूरत है,हमें जलवा दिखाना है,जो सामने आए उसे तहस नहस करने तैयार रहो। उधर लाल टिपारा निवासी सुरेन्द्र जीत सिंह पुत्र हीरालाल सिमोहनियां ने खुलासा किया है कि लाखन सिंह बौद्ध ने उपद्रव के१० दिन पहले उसके मोहल्ले में बैठकें लीं थी।
लाखन ने कहा कि हक वापस लेने ताकत दिखाना पडेग़ी। उसने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है,हमारे पीछे कई रसूखदार हैं,जो सब संभालने के लिए बैठे हैं। लाखन ने मोहल्ले के युवाओं से कहा कि वक्त को तुम्हारी जरूरत है। गांव-गांव से लोगों को शहर में लाओ।
थाने में लूट के इरादे से आए थे
मुरार टीआइ अजय सिंह पंवार ने बताया कि राजकुमार और सुरेन्द्र उपद्रवियों के साथ मुरार थाने में लूटपाट के इरादे से घुसे थे। दोनों को रिमांड पर लिया गया है। उनके खुलासे पर उत्पात के लिए उकसाने वाले लाखन सिंह बौद्ध पर दुष्प्रेरणा का केस दर्ज किया है।
पत्रिका ने पहले ही बता दिया था
२ अप्रैल को बंद की आड़ में खुलेआम गुंडई प्लांड थी पत्रिका ने उपद्रव के बाद ही इसका खुलासा किया था कि प्लानिंग से भाडे़ के उपद्रवियों को शहर में लाया गया था।
इन्हें कुम्हरपुरा,शिवनगर,घोसीपुरा,गल्ला कोठार, मेहरा कॉलोनी सहित हुरावली पर छात्रावास में ठहराया गया था। उत्पात के लिए लोगों को उकसाने का काम करीब १५ दिन से चल रहा था। करीब १८ दिन बाद पुलिस ने भी जांच में पाया है कि एस-३ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध ने लोगों को उत्पात के लिए उकसाया था। पुलिस अब मान रही है कि साजिश में अभी कई और चेहरे सामने आएंगे।
फेसबुक, वाट्सऐप से भेजे भड़काऊ संदेश
एस-३ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध की भूमिका को थाटीपुर पुलिस भी खंगाल रही है। पकड़े गए उत्पातियों ने पूछताछ में बताया कि लाखन ने फेसबुकऔर वाट्सऐप के जरिए भड़काऊ संदेश भेजे थे। कानून खत्म होने के बहकावे में आकर कई रोज कमाने खाने वाले भी उत्पात में शामिल हो गए। थाटीपुर टीआइ रविन्द्र गुर्जर का कहना है कि आरोपियों के खुलासे पर उपद्रव में लाखन सिंह बौद्ध की भूमिका की जांच की जा रही है।
Published on:
21 Apr 2018 04:44 pm
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