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अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी कांकोरी कांड के महानायक बिस्मिल ने

चम्बल के वीर सपूत पं. रामप्रसाद बिस्मिल की 126वीं जयंती जिले भर में उत्साह के साथ मनाई गई।

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अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी कांकोरी कांड के महानायक बिस्मिल ने

अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी कांकोरी कांड के महानायक बिस्मिल ने

मुरैना. चम्बल के वीर सपूत पं. रामप्रसाद बिस्मिल की 126वीं जयंती जिले भर में उत्साह के साथ मनाई गई। अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल शिक्षा सेवा संस्था द्वारा मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिस्मिल के अनुयायियों ने सुबह डाइट परिसर स्थित शहीद बिस्मिल मंदिर पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले मंदिर में हवन पूजन व प्रतिमां का पंचामृत से अभिषेक किया। चंदन का लेप लगाकर अंग वस्त्र अर्पित किए। माल्यार्पण कर सभी ने आरती की। इस दौरान पर पूरा माहौल बिस्मिल अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा। बिस्मिल संस्था के अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की और अतिथियों का स्वागत किया। विशेष तौर पर मप्र पिछड़ा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष रघुराज कंषाना, एडीएम नरोत्तम भार्गव, नगर निगम कमिश्नर देवेंद्र सिंह चौहान सहित प्रबुद्धजन, समाजसेवी, शिक्षक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके बाद सभी ने नई हाउसिंग बोर्ड बिस्मिल चौराहा व शहीद बिस्मिल संग्रहालय पर भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
बिस्मिल मंदिर पर आयोजित संगोष्ठी में एडीएम नरोत्तम भार्गव ने कहा कि अमर शहीद बिस्मिल चंबल क्षेत्र के गौरव है। उनका राष्ट्र के लिए त्याग, बलिदान असंख्य भारतीयों की प्रेरणा का श्रोत है। भारत वर्ष को ब्रिटिश साम्राज्य से मुक्त कराने में यूं तो असंख्य वीरों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया परन्तु राम प्रसाद बिस्मिल एक ऐसे निडर, साहसी क्रान्तिकारी थे जिन्होंने देश मे अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आमजन मानस में चेतना जागृत कर अंग्रेजी हुकूमत की जोरदार तरीके से खिलाफत की। पिछड़ा वर्ग वित्त आयोग के अध्यक्ष रघुराज कंषाना ने कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में हुई काकोरी की घटना ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। फांसी के तख्त पर चढकऱ भी वह अंग्रेजों को चुनौती दे रहे थे। कंषाना ने ननि कमिश्नर के समक्ष बिस्मिल मंदिर परिसर को पार्क बनाने की मांग रखी।
ननि कमिश्नर डीएस चौहान ने भी विचार व्यक्त किए। शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष व बिस्मिल संस्था के अध्यक्ष सिकरवार ने चम्बल के सपूत बिस्मिल की स्मृति के भाव को स्थायी करने मुरैना रेलवे स्टेशन का नाम अमर शहीद बिस्मिल रेलवे स्टेशन करने की मांग रखी। मंच संचालन समाजसेवी राघवेंद्र सिंह तोमर ने किया। आभार प्रदर्शन एपीसी हीरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा किया गया। इसके बाद बिस्मिल के अनुनायियों का एक दल सिकरवार के नेतृत्व में बिस्मिल के पैतृक गांव बरबाई रवाना हुए।

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