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बालभवन के पार्क में टूटे पड़े झूले और फिसल पट्टी, मायूस हो रहे बच्चे

बाल भवन के पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले लंबे समय टूटे पड़े हैं। ऐसे में पार्क में आने वाले बच्चे निराश हो जाते हैं। साथ ही यहां लगीं फिसल पट्टी व अन्य उपकरण भी...

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बालभवन के पार्क में टूटे पड़े झूले और फिसल पट्टी, मायूस हो रहे बच्चे

ग्वालियर. बाल भवन के पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले लंबे समय टूटे पड़े हैं। ऐसे में पार्क में आने वाले बच्चे निराश हो जाते हैं। साथ ही यहां लगीं फिसल पट्टी व अन्य उपकरण भी टूटे हैं। सुबह और शाम के वक्त आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे अपने माता-पिता के साथ यहां आते हैं। कई बच्चे इन टूटे झूलों और फिसल पट्टी पर खेलते हैं तो कई बार उन्हें चोट भी लग जाती है। बाल भवन में नगर निगम का ऑफिस है और यहां अधिकारी भी आते हैं, लेकिन उनकी नजर इन टूटे झूलों पर नहीं पड़ रही है।

लंबे समय से टूटे पड़े हैं झूले
बाल भवन के पार्क में दर्जनभर से अधिक अलग-अलग तरह के झूले लगाए गए थे, ताकि पार्क में आने वाले बच्चे मनोरंजन कर सकें। लेकिन पुराने होने के कारण झूले टूट गए हैं, जिनकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया है। अब पार्क में कुछ झूले ही झूलने लायक बचे हैं।

मायूस हो जाते हैं बच्चे
पार्क में मौजूद सिटी सेंटर निवासी बृजेंद्र कुमार ने बताया कि वह पहली बार बच्चे को लेकर आए हैं। यहां पर टूटे पड़े झूलों से बच्चों को मुश्किल हो रही है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देकर झूलों को ठीक कराना चाहिए। वहीं प्रकाश बाथम ने कहा, पार्क में बच्चे सिर्फ झूला झूलने आते हैं, लेकिन यहां आने के बाद टूटे झूलों को देखकर मायूस हो जाते हैं।

बड़े भी बन जाते हैं बच्चे
पार्क में बच्चों के लिए ही झूले लगाए गए थे, लेकिन बच्चों के साथ आने वाले बड़े भी झूलने लग जाते हैं। झूलों के टूटने का यह भी कारण है। पार्क में रोकटोक करने वाला नहीं हैं।

झूले ठीक करवाएंगे
आपके माध्यम से मुझे यह जानकारी दी गई है। कल ही टीम को भेजकर टूटे पड़े झूलों को ठीक करवाया जाएगा।
किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम