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शूटर भीम को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले जाने का मामला, नशे की गोलियां और इंजेक्शन बरामद

शूटर भीम को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले जाने का मामला, नशे की गोलियां और इंजेक्शन बरामद

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शूटर भीम को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले जाने का मामला, नशे की गोलियां और इंजेक्शन बरामद

ग्वालियर। भिंड में कोर्ट पेशी से लौटते वक्त पुलिस कस्टडी से कुख्यात अपराधी भीम सिंह उर्फ भीमा यादव को फरार करने में इस्तेमाल दूसरी कार भी गुठीना का पुरा, महाराजपुरा में मिली है। तीन दिन से उसे लावारिस खड़ा देखकर रविवार रात गांववालों ने पुलिस को बुला लिया। उसकी तलाशी लेने पर कार में नशे की गोलियों का पूरा पत्ता और इंजेक्शन मिले हैं। इससे जाहिर है कि शूटर भीमा के गुर्गों ने उसे फरार करने का पूरा इंतजाम किया था। नशे की एक गोली इस्तेमाल भी की गई है, इससे भीमा को कोर्ट पेशी पर लाने वाले पुलिसकर्मियों की सारी दलील शक के दायरे में आ गई हैं।

क्योंकि घटना के बाद से हवलदार मायाराम, आरक्षक हकीम, विवेक शर्मा और लापता होकर वापस लौटा आरक्षक प्रमोद यादव रट लगाए हैं कि चारों पुलिसकर्मी भीमा को लेकर लग्जरी कार एमपी 30 सी 3999 से आ रहे थे, लक्ष्मणगढ़ के पास उसके गुर्गों ने सफेद रंग की एक्सयूवी कार से आकर उन पर हमला किया था। लेकिन गुठीना का पुरा में लावारिस मिली कार में नशे की दवाओं की खेप और उनका इस्तेमाल होने से जाहिर है कि पुलिसपार्टी के कुछ सदस्य दूसरी कार में भी मौजूद थे। खातिरदारी के बहाने शूटर के गुर्गे उन्हें नशे की दवा मिला खाना, पानी पिलाकर निढाल करते रहे।

पुलिस ने बताया शूटर भीमा को कस्टडी से छुड़ाकर और पुलिसकर्मियों से दो इंसास बंदूकें लूटकर दो कार में सवार गैंग भिंड रोड पर राधा स्वामी सत्संग आश्रम के सामने कच्चे रास्ते में घुस गया था। करीब आठ किलोमीटर कच्चे रास्ते पर भागने के बाद गुठीना का पुरा पर पहुंच कर आगे की सडक़ बंद थी। गिरोह ने खेत के रास्ते से भागने की कोशिश इसमें हड़बड़ी में कार को पानी से भरे गड्ढे में उतारा, लेकिन बाहर नहीं निकल पाए। कार के पहिए मिट्टी में धंसकर एक ही जगह घूमते रहे तो गैंग ने इस कार को यहीं छोड़ा। उसमें सवार बदमाश कीचड़ में कूदकर बाहर निकले।

भीमा की स्कार्पियो से खेरिया मिर्धा गांव तक आए। इस कार पर नंबर प्लेट थी इसलिए उसे वापस हाइवे पर ले जाने से पकड़े जाने का खतरा था, इसलिए उसे खेरिया मिर्धा में लावारिस छोड़ा। मिट्टी, कीचड़ से सने कपड़े, जूतों से भी पकड़े जाने का खुटका था तो उन्हें भी उतार कर कार में फेंक गए। दो दिन पहले पुलिस उस कार को उठा लाई थी, लेकिन आगे के रास्ते की सर्चिंग नहीं की थी। इसलिए दूसरी कार का पता नहीं चला था।