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ग्वालियर. सरकार से नाराज डॉक्टरों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर आंदोलन शुरू कर दिया। गुरुवार को चिकित्सक सुबह 10 से 12 बजे तक काम बंद रखेंगे। उसके दूसरे दिन से पूरी तरह हड़ताल होगी। बुधवार को आंदोलन की शुरूआत में जयारोग्य अस्पताल के चिकित्सकों के अलावा जिलेभर के के चिकित्सक शामिल रहे। उनका 7 फरवरी को प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथी गृह विभाग के अफसरों को अपनी समस्याएं बता चुके हैं। उनका अभी तक निराकरण नहीं हुआ है। नाराज चिकित्सक काली पट्टी बांधकर अस्पताल पहुंचे और मरीजों का इलाज किया। चिकित्सकों का कहना है जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन तेज होगा। चिकित्सक हड़ताल पर जाएंगे तो मरीजों का इलाज कैसे होगा फिलहाल कोई जरिया नहीं निकला है।
यह हक की लड़ाई है
चिकित्सकों की परेशानी को भी समझना चाहिए। हमारी मांगें ऐसी नहीं हैं, जिन्हें सरकार पूरी नहीं कर पाए। यह हक की लड़ाई है। आंदोलन से पहले शासन, प्रशासन और गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता को भी बता चुके हैं।
्डॉ. सुनील अग्रवाल, संयोजक शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ
हालात के मुताबिक किए जाएंगे इंतजाम
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को इलाज कराना मुश्किल होगा। उस वक्त जैसी परिस्थितियां होंगी उनके मुताबिक इंतजाम किया जाएगा।
अक्षय निगम, डीन जीआरएमसी ग्वालियर
इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी
गुरुवार को हड़ताल के दूसरे दिन चिकित्सक सुबह 10 से 12 बजे तक काम नहीं करेंगे। इस दौरान ओपीडी, आइपीडी, ऑपरेशन, मेडिकल कॉलेज की क्लास, एमएलसी और शव का परीक्षण भी नहीं होगा। सिर्फ जीवन रक्षक इमरजेंसी सेवा चालू रहेगी।
कहां जाएंगे मरीज
17 फरवरी को चिकित्सक पूरी तरह हड़ताल पर जाएंगे। इस दौरान इलाज कैसे होगा, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विभाग के डॉक्टर एक साथ हड़ताल पर होंगे। इसलिए इलाज के लिए वैकल्पिक इंतजाम होना मुश्किल है।
चिकित्सकों की हड़ताल को जूनियर डॉक्टर ने भी समर्थन दिया है। प्रदेश जूनियर चिकित्सक एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा समर्थन पत्र भी दिया गया है।
Published on:
16 Feb 2023, 8:49 PM IST
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