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वर्दी की इंसानियत: भूखी मनोरोगी महिला का भाई बना टीआई

महिला ने शर्त रखी कि अगर वह उसका भाई है, तो उसी थाली में बैठकर खाना खाए। इंसानियत के नाते टीआई ने उसकी शर्त मान ली और उसकी थाली में बैठकर खाना खाने लगे।

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वर्दी में इंसानियत की मिसाल

ग्वालियर. पुलिस को अक्सर सख्त, फटकार लगाने वाले चेहरे के रूप में देखा जाता है, लेकिन मंगलवार को सिरोल थाना क्षेत्र में वर्दी में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। मानसिक रूप से अस्वस्थ, भूख से बेहाल एक महिला को खाना खिलाने के लिए सिरोल थाना प्रभारी टीआई गोविंद बगोली ने खुद को उसका भाई बताया और उसी थाली में उसके साथ बैठकर खाना खाया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं और देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई।

भाई बताया तो रखी शर्त-एक ही थाली में खाओ

महिला ने शर्त रखी कि अगर वह उसका भाई है, तो उसी थाली में बैठकर खाना खाए। इंसानियत के नाते टीआई ने उसकी शर्त मान ली और उसकी थाली में बैठकर खाना खाने लगे। इसके बाद महिला ने रोटी खानी शुरू की। इस दौरान वह बीच-बीच में टीआई को धमकाने की भी कोशिश करती रही, लेकिन संयम और संवेदनशीलता से उसे पूरा खाना खिलाया गया। भोजन कराने के बाद महिला को सीजेएम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे इलाज के लिए भेज दिया गया है।

सूचना मिली बंधक बनाए जाने की, सामने आई अलग हकीकत

टीआई गोविंद बगोली ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मॉडल टाउन के पास एक मनोरोगी महिला को बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना पर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो पता चला कि महिला मानसिक रूप से असंतुलित है और राह चलते लोगों पर पत्थर फेंक रही थी, साथ ही मारपीट भी कर रही थी। पुलिस ने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन महिला खुद को कभी राधा तो कभी बांदा का निवासी बताने लगी। वह बार-बार सिर्फ एक ही शब्द बोल रही थी—भूख।

जहर का शक, खाने से किया इनकार

महिला को होटल पर लाकर भोजन मंगवाया गया, लेकिन उसने यह कहकर खाने से मना कर दिया कि खाने में जहर मिला है। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं मानी, तो टीआई बगोली ने उससे कहा कि वह उसका भाई है।