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फोर्ट की तलहटी पर मिली थी इस लड़की की बॉडी,पिता ने रोते हुए बेटी को लेकर बताई यह सच्चाई

वह घर से ट्यूशन पढऩे गई थी। उसके बाद से कुछ पता नहीं चला। किले तक कैसे पहुंची घरवाले कुछ नहीं बता सके हैं।

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Gwalior Fort

Girl body found

ग्वालियर। किले से 150 फीट नीचे तलहटी में मिला शव ११वीं कक्षा की छात्रा शिखा त्रिपाठी का निकला। वह शुक्रवार से लापता थी। घरवालों ने इंदरगंज थाने में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया था। वह घर से ट्यूशन पढऩे गई थी। उसके बाद से कुछ पता नहीं चला। किले तक कैसे पहुंची घरवाले कुछ नहीं बता सके हैं। लेकिन पिता का कहना है बेटी कभी अकेले नहीं जा सकती। जरूर उसके साथ कोई घटना हुई है। हालांकि पुलिस को जांच में पता चला है कि घरवालों ने उसे किसी बात पर डांटा था। पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण तलैया (शिंदे की छावनी) निवासी प्रदीप त्रिपाठी की बेटी शिखा रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब ८.३० बजे घर से शिन्दे की छावनी दिनेश सर के यहां ट्यूशन पढऩे गई थी।१० बजे टयूशन पढ़कर चली गई लेकिन घर नहीं पहुंची।

परिजन ने ढूंढा,लेकिन पता नहीं चला। फिर इंदरगंज थाने जाकर एफआईआर कराई। गुरुवार सुबह अखबार में युवती के शव का फोटो देखा तो घरवालों ने कपड़ों से पहचाना। प्रदीप की दो बेटी और एक बेटा है। शिखा दूसरे नंबर की बेटी थी। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने प्रदीप के सहेलियों से पूछताछ की तो पता चला था घरवालों ने मोबाइल पर बातचीत करने पर शिखा की डांट लगाई थी। टीचर दिनेश का कहना है शुक्रवार को ट्यूशन पढऩे आई तो गुमसुम थी। शिखा की मौत की खबर से उसकी बड़ी बहन और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले वाले भी समझ नहीं पा रहे थे इतनी सीधी लड़की जो हमेशा अपने काम से मतलब रखती उसके साथ यह कैसे हो गया।

सीए बनकर पिता का सहारा बनती
शिखा पढ़ाई में होशियार थी। चाचा प्रवीण ने बताया शिखा ने दसवीं में ७० प्रतिशत अंकों से पास हुई थी। वह सीए बनना चाहती थी। अक्सर कहती सीए बनकर पिता का सहारा बनूंगी।

किले पर ढूंढ आए थे पिता
शिखा के लापता होने पर पिता उसे तलाश करने किले पर भी गए थे। जिस ऊंचाई से वह गिरी उस जगह भी वह गए। लेकिन उन्हें शिखा नहीं मिली।

तीन बेस्ट फ्रेंड से हुई पूछताछ
पुलिस ने शिखा की ३ बेस्ट फ्रेंड से पूछताछ की। लेकिन दो सहेलियां कुछ नहीं बता सकी। पुलिस का कहना है तीसरी सहेली ने बताया वह मोबाइल पर किसी से चुपचाप बात करती थी। घरवालों ने उसे डांटा भी था।

बरगलाकर किले ले गया होगा
शिखा के दादा ब्रजकिशोर त्रिपाठी सीआइडी में प्रधान आरक्षक से रिटायर्ड हंै। उन्होंने बताया शिखा खुदकुशी नहीं कर सकती। जरूर कोई बरगलाकर उसे ले गया होगा। किसी ने गिराया या खुद गिरी इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते।