
ग्वालियर. कुपोषण दूर करने के लिए प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों में शहद व च्यवनप्राश बांटने की तैयारी कर रही है। सरकार की इस पहल से प्रदेशभर के 97 हजार 135 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 90 लाख से अधिक पंजीबद्ध हितग्राहियों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें ग्वालियर के 1459 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर करीब डेढ़ लाख बच्चों को शहद व च्यवनप्राश वितरित किया जा सकेगा।
योजना का लाभ बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं को भी मिलेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। विधानसभा में सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक सूबे में 10 लाख बच्चे कुपोषित हैं, जिसमें 6 लाख 30 हजार बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में आते हैं।
शहद व च्यवनप्राश से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
अधिकारियों के मुताबिक बच्चों को शहद व च्यवनप्राश देने के पीछे सरकार की मंशा है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े। कुपोषण के कारण शरीर कमजोर हो जाता है। जिस कारण कई तरह की बीमारियां शरीर को जकड़ लेती हैं। शहद व च्यवनप्राश से रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ेगी ही, इनके कई और गुणों से बच्चों के शरीर के कई अंग के विकसित होने में भी सहायक होगा।
लघु वनोपज संघ की तर्ज पर होगा काम
कुपोषण को दूर करने के लिए च्यवनप्राश और शहद देने की शुरूआत पहले मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ ने की थी। अब इसी तर्ज पर महिला एवं बाल विकास विभाग भी इसकी शुरूआत करने जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार का 2030 तक कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उसी दिशा में यह प्रयोग किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही मोटे व स्थानीय अनाज के व्यंजन दिए जा रहे हैं। वहीं खून की कमी को दूर करने के लिए दवाएं भी वितरित की जा रही है।
अभी सर्कुलर जारी नहीं हुआ है
कुपोषण दूर करने सरकार का ये प्रपोजल है। अभी इसका सर्कुलर जारी नहीं हुआ है। सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए वनोपज संघ की तर्ज पर इसकी शुरूआत कर रही है। प्रस्ताव बनते ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में इसकी व्यवस्था की जाएगी।
राहुल पाठक, आंगनबाड़ी केन्द्र प्रभारी
Published on:
20 Feb 2023 11:14 pm

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