
ग्वालियर। नाथूराम गोडसे की प्रतिमा के खिलाफ जिला प्रशासन ने गुरुवार को हिंदू महासभा नेता जयवीर भारद्वाज को नोटिस जारी किया। प्रशासन ने भारद्वाज से पांच दिन में नोटिस का जवाब मांगा है। एडीएम शिवराज सिंह वर्मा ने नोटिस में पूछा है कि बिना अनुमति के मूर्ति की स्थापना क्यों की।संगठन के दौलतगंज कार्यालय के बोर्ड पर हुतात्मा नाथूराम गोडसे मंदिर क्यों लिखा, जबकि यह कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थान धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन अधिनियम 2001 के तहत दंडनीय अपराध है।
"शहर में हिंदू महासभा ने बुधवार सुबह दौलतगंज स्थित अपने ऑफिस को मंदिर का रूप दे दिया है और यहां महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगा दी। इतना ही नहीं उन्होंने इसकी रीति रिवाज के साथ आरती उतारी भगई। मालूम हो कि आज ही दिन 15 नवंबर 1949 गोडसे को अंबाला जेल में फांसी दी गई थी। जिसके बाद हिंदू महासभा ने इसे बलिदान दिवस के रूप में मनाया।"
"पुलिस अधिकारियों में हड़कंप हिंदू महासभा ने ग्वालियर स्थित अपने कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा रखकर मंदिर बनाया है। महासभा ने एक कमेटी का गठन भी किया है जो प्रशासन से मंदिर के लिए जमीन की मांग करेगी। इसके पहले भी इन्होंने गोडसे का मंदिर बनाने के लिए जमीन की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में ही मूर्ति की स्थापना कर दी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।"
कोर्ट में याचिका, राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग-
उधर, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में एडवोकेट उमेश बोहरे ने याचिका दायर की। बोहरे ने याचिका में कहा, गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने वालों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। न्यायालय इस याचिका पर २१ दिसंबर को सुनवाई करेगी।
Published on:
17 Nov 2017 05:30 pm
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