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बावड़ी से पानी निकालने भागीरथ बना शहर, सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान

बावड़ी से पानी निकालने भागीरथ बना शहर, सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान

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AMRATAM JALAM

बावड़ी से पानी निकालने भागीरथ बना शहर, सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान

बावड़ी से मलबा साफ, अब भरेगा बारिश का पानी

खेड़ापति के समीप स्थित बावड़ी से पानी निकालने के लिए रविवार को सैकड़ों लोग भागीरथ बने। उन्होंने श्रमदान कर खूब पसीना बहाया और कई ट्राली मलबा बाहर निकाल फेंका। क्या बच्चे, क्या बड़े और क्या महिलाएं, सभी ने हाथों में फावड़े थामे और मलबा निकाल फेंंका। बावड़ी को पुनर्जीवित करने का जुनून हर एक में साफ नजर आ रहा था। सुबह के 6 बजते ही लोगों का हुजूम बावड़ी पर पहुंचा और हर साल की तरह दो लाइन बनाकर मलबा बाहर निकाला गया। इस अवसर पर गंगादास की बड़ी शाला के महंत राम सेवक दास, नगर निगम कमिश्नर संदीप माकिन, एडीएम रिंकेश वैश्य, विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूटशन के वाइस प्रेसीडेंट संजीव सिंह चौहान, मुस्कान ड्रीम्स के सीईओ अभिषेक दुबे, रोटरी इंटरनेशनल की पास्ट असिस्टेंट गवर्नर रेखा अग्रवाल, जेसीआई जोन-6 की जोन प्रेसीडेंट गुलनाज जावेद मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

हजारों लोग जुड़े अमृतं जलम् से
बावड़ी पर अमृतं जलम् अभियान कुल 8 दिन चला। हर दिन कई संस्थाओं ने पार्टिसिपेट कर बावड़ी से मलबा उठाया। रविवार को अभियान का लास्ट दिन था, जिसमें शहर की कई संस्थाएं और संगठन शामिल हुए। अभी तक बावड़ी से कई ट्राली मलबा निकाला जा चुका है। बावड़ी की गहराई से बाल्टी और रस्सी के सहारे मलबा निकालने का काम नगर निगम की टीम ने किया। इसके बाद बावड़ी की बाट से बाहर तक मलबा पहुंचाने का काम टीमों ने किया। अभी तक हजारों लोगों ने इस बावड़ी में श्रमदान कर इस पावन कार्य में अपनी सहभागिता निभाई। अब बावड़ी की पूरी सफाई हो चुकी है।

कैनवास पर बावड़ी की सुंदरता
बावड़ी की खूबसूरती को आर्टिस्ट हेमंत रोजिया और शानू विश्वकर्मा ने कैनवास पर उकेरा। हेमंत ने जहां वाटर कलर का यूज किया, वहीं शानू विश्वकर्मा ने स्केच के माध्यम से बावड़ी की हूबहू शक्ल तैयार की, जिसे सभी ने खूब सराहा। कैनवास में रंग भरने में उन्हें एक घंटे का समय लगा।

ये संस्थाएं हुई शामिल
विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मुस्कान ड्रीम्स, जेसीआई ग्वालियर आदर्श, स्वप्निल फाउंडेशन, महादेव समर्पण सेवा संस्थान, भारत रक्षा मंच, दीक्षा वेलफेयर फाउंडेशन, जेसीआई ग्वालियर प्रियदर्शिनी, रोटरी इंटरनेशनल, मानवता ग्रुप, विक्रम फिटनेस डांस इवेंट ग्रुप, हिंदू युवा सेना, धैर्य समाज सेवा संस्था, जेसीआई ग्वालियर युवा शक्ति आदि टीमों ने पार्टिसिपेट किया।

कमेंट
पत्रिका द्वारा प्रतिवर्ष किसी एक बावड़ी के जीर्णोद्धार का काम लिया जाता है, जो कि सराहनीय है। अन्य लोगों के लिए यह प्रेरणास्रोत हैं।
राम सेवक दास, महंत, गंगादास की बड़ीशाला

पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान में नगर निगम की टीम ने बराबर से साथ दिया। वाकई पिछले 8 दिनों में बावड़ी का कायाकल्प हो गया।
संदीप माकिन, कमिश्नर, नगर निगम

बावड़ी पर श्रमदान के लिए शहर की संस्थाओं और संगठनों का उत्साह देखकर बहुत अच्छा लगा। यही हौसला शहर को सुंदर बनाएगा।
रिंकेश वैश्य, एडीएम

मैंने और विक्रांत समूह के स्टूडेंट्स ने बावड़ी पर श्रमदान किया। वाकई यह अनूठा अनुभव रहा। इस तरह के आयोजन में हमारा ग्रुप पत्रिका के साथ है।
विक्रांत सिंह चौहान, वाइस प्रेसीडेंट, विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस

आज मैंने भी अपनी टीम के साथ श्रमदान किया। वाकई मुझे बहुत अच्छा लगा। आज शहर को वाटर रिसोर्सेज ताल-तलैया कुएं और बावड़ी सहेजने की जरूरत है।
अभिषेक दुबे, सीईओ, मुस्कान ड्रीम्स

अभी तक मैंने अखबार में ही बावड़ी के बारे में पढ़ा था, लेकिन आज मैं अपनी परिवार और टीम के साथ श्रमदान करके सुखद अनुभव कर रही हूं।
रेखा अग्रवाल, पूर्व सहायक प्रांतपाल, रोटरी इंटरनेशनल

जेसीआई इंडिया में लीडरशिप डवलप करने के प्रोजेक्ट लिए जाते हैं, लेकिन बावड़ी को संवारने का प्रोजेक्ट भी मैं इस बार मीटिंग में रखूंगी।
गुलनाज जावेद, जोन प्रेसीडेंट, जेसीआई जोन-6

मैंने अपनी टीम के साथ लास्ट ईयर भी शारदा विहार बावड़ी पर श्रमदान किया था। इस खूबसूरत बावड़ी पर भी पसीना बहाकर बहुत अच्छा लगा।
विक्रम तिवारी, डायरेक्टर, विक्रम फिटनेस डांस इवेंट ग्रुप

मैं मॉर्निंग टाइम में बच्चों को कैंप के माध्यम से स्पोट्र्स एक्टिविटी में इन्वॉल्व करती हूं, लेकिन आज यहां आने का सौभाग्य मिला, श्रमदान करके अच्छा फील कर रही हूं।
विजेता सिंह, प्रेसीडेंट, जेसीआई आदर्श

आज मेरी पूरी टीम ने बावड़ी पर श्रमदान किया। शहर को आज सबसे ज्यादा जरूरी बावड़ी, ताल-तलैया को पुनर्जीवित करना है।
अमित द्विवेदी, प्रेसीडेंट, महादेव समर्पण सेवा संस्थान

हमारी टीम पहले भी श्रमदान के लिए आ चुकी है। आज समापन की बात सुनकर हम एक बार फिर तैयार हुए और जमकर श्रमदान किया।
सागर शर्मा, डायरेक्टर, यूथ रियल फ्रीडम युवक मंडल

हमारी टीम जेएएच में मरीजों को पानी पिलाने का काम करती है। आज बावड़ी पर भी हमने श्रमदान किया, बहुत बेहतर फील हुआ।
दीक्षा दुबे, सेक्रेट्री, दीक्षा वेलफेयर फाउंडेशन

इतनी खूबसूरत बावड़ी गली के अंदर होगी, हमने सोचा भी नहीं था। वाकई यह वाटर रिसोर्सेज का बहुत अच्छा माध्यम है। हम खुशनसीब हैं
आकाश बरुआ, प्रेसीडेंट, स्वप्निल फाउंडेशन

पत्रिका के इस तरह के पावन कार्य में भारत रक्षा मंच हमेशा साथ है। हम लास्ट ईयर शारदा विहार बावड़ी में भी श्रमदान कर चुके हैं।
हेरी गुप्ता, ट्रेजरार, भारत रक्षा मंच

शहर को यदि पानी की किल्लत से बचाना है, तो नए प्रोजेक्ट पर काम न करके पुराने प्रोजेक्ट को ही पुनर्जीवित कर लें, तो स्थितियां सुधरेंगी।
सत्या शर्मा, प्रेसीडेंट, हिंदू युवा सेना

पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान से जुडऩे का हर एक का दिल चाहता है। इसीलिए मैंने भी सारे काम छोडकऱ श्रमदान किया।
पल्लवी अग्रवाल, प्रेसीडेंट, जेसीआई प्रियदर्शिनी

शहर में कई ऐसे वाटर रिसोर्स हैं, जिन्हें यदि पुनर्जीवित कर दिया जाए, तो पानी की समस्या खत्म हो सकती है। हमारी पुरानी बावडिय़ां भी उन्हीं में से एक है।
विनीता शर्मा, टीचर

श्रमदान के लिए आईं शहर की ढेरों संस्थाओं को देखकर अच्छा लग रहा है। पत्रिका ने आज हमें एक साथ मिलने का मौका दिया।
रेणु जैन, प्रेसीडेंट, धैर्य समाज सेवा संस्था

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