
पत्नी की क्रूरता पर पति को मिल गया था तलाक, अब अलग होने के लिए देने होंगे 10 लाख
हाईकोर्ट की युगल पीठ ने सात सालों से चले आ रहे विवाद को खत्म कर दिया। कोर्ट ने पति को आदेश दिया है कि वह पत्नी को 10 लाख रुपए का भुगतान करेगा। पत्नी भी इस रकम को लेने के बाद सहमत हो गई है। पति को पत्नी की क्रूरता के आधार पर कुटुंब न्यायालय से तलाक मिला था, जिसे पत्नी ने चुनौती दी थी।
दरअसल मीरा (परिवर्तित नाम) का विवाह 2014 में हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने पत्नी से तलाक लेने का तय किया। ग्वालियर के कुटुंब न्यायलय में आवेदन पेश किया। पत्नी पर आरोप लगाया कि वह उसके साथ क्रूरता भरा व्यवहार करती है, जिसकी वजह से साथ रहा मुश्किल है। कोर्ट ने 27 अगस्त 2018 को तलाक की डिक्री पारित कर दी। डिक्री पारित होने के तत्काल बाद पति ने मंदिर में दूसरा विवाह कर लिया। अपील की अवधि भी खत्म नहीं होने दी। इसके बाद पत्नी ने हार्ईकोर्ट में तलाक की डिक्री को चुनौती दी। स्थायी भरण पोषण के रूप में 20 लाख रुपए मांगे। साथ ही अपना स्त्री धन की भी मांग की। पति 10 लाख रुपए देने के लिए तैयार नहीं था। पत्नी ने पति के कमान सहित अन्य संपत्ति के दस्तावेज पेश किया। पति कहना था कि वह सिर्फ डेढ लाख रुपए दे सकता है। कोर्ट समक्ष तर्क दिया गया कि पति दूसरा विवाह कर चुका है। इसलिए फिर से दोनों के साथ रहने की संभावना नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को आदेश दिया है कि वह पत्नी को 10 लाख रुपए देगा।
Published on:
07 Dec 2023 11:27 am

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