
एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड बना चुकीं ज्योति ने कहा- अपने सपनों को पंख दो, सफलता मिलते ही सब साथ होंगे
ग्वालियर.
समय कितना भी बदल गया हो, लेकिन आज भी बेटियों को अपने सपने पूरे करने की आजादी नहीं है। परिवार, समाज अपनी इच्छा थोपना चाहता है। उन्हें कॅरियर में क्या बनना है, ये पैरेंट्स डिसाइड करते हैं। आप अपने सपने के लिए मेहनत करें, जब आपको थोड़ी सफलता मिलना शुरू होगी तो परिवार और समाज आपके साथ होगा। यह कहना है पत्रिका के 40 अंडर 40 पॉवर लिस्ट में सिलेक्ट हुई ग्वालियर की बेटी ज्योति भदौरिया का। वह एकेडमिक, आर्ट एंड क्राफ्ट, लिट्रेचर में कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। मॉडल बन क्राउन पहनने का सपना भी पूरा किया। उन्होंने 17 सेकंड में 50 लैंग्वेज में सबसे तेज ‘हैलो’ बोलकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और 20 सेकंड में 100 लैंग्वेज में हैलो बोलकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। पेश है उनसे हुई बातचीत के अंश....
आप पढ़ाई में अव्वल रहने के साथ अच्छी आरजे हैं, मॉडल हैं, लिट्रेचर और आर्ट एंड क्राफ्ट में भी आगे हैं। इतना सब कुछ कैसे मैनेज कर पाती हैं?
जवाब- मेरा मानना है कि आप जो सोचते हैं वह सब हासिल कर सकते हैं। हमारे पास 24 घंटे होते हैं। इसमें से यदि 6 घंटे सोने के लिए निकाल दिए जाएं तो 18 घंटे आपके हैं। इस समय को यूटिलाइज करना आना चाहिए, जिसे मैं बखूबी कर पाती हूं। मेरी अपनी हर स्किल को और ज्यादा निखारने का समय फिक्स है।
स्टूडेंट्स से आरजे बनने तक का सफर कैसा रहा?
जवाब- ग्रेजुएशन के दौरान मैं रेडियो पर आरजे को सुनती थी। मैं सोचती थी कि मैं क्यों नहीं बन सकती। मैंने घर पर कुछ दिन ही प्रैक्टिस की और फिर इंटरव्यू दिया और आरजे इशिका (मेरा निक नेम) बन गई। अब मुझे बहुत अच्छा लगता है जब शहर मेरा इंतजार करता है।
आपने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाए हैं, यह सोच कहां से आई?
जवाब- मैं सबसे अलग करना चाहती थी। इसी सोच के साथ गूगल पर भी कुछ न कुछ सर्च करती रहती थी। एक दिन मेरी नजर इस तरह के रिकॉर्ड बनाने वाली कुछ पर्सनालिटी पर पड़ी। तब मैंने डिसीजन लिया और 100 भाषा में ‘हैलो’ बोलकर रिकार्ड अपने नाम किए।
रिकॉर्ड बनाने के लिए ‘हैलो’ शब्द ही क्यों चुना?
जवाब- हम जब भी किसी से मिलते हैं तो इसकी शुरुआत हाय, हैलो या नमस्ते से करते हैं। मैंने भी रिकॉर्ड बनाने की शुरुआत की थी। इसलिए इस शब्द को चुना। दूसरा हमारे देश में ‘सम्मान’ शब्द बड़ा माना जाता है। एक रिकॉर्ड ऐसा होना चाहए जिसके बारे में सबको खुलकर बता सकें। इसलिए यह शब्द चुना।
आपको कितनी लैंग्वेज आती हैं और आपने ये कैसे सीखी?
जवाब- हिंदी, इंग्लिश के अलावा मेरी पंजाबी और उर्दू पर अच्छी कमांड है। शायरी और कविता लिखने से मुझे उर्दू आ गई, जिसे मैंने यूट्यूब से सीखा और पंजाबी टीवी सीरियल और न्यूज से सीखा।
ग्वालियर का यह सितारा कहां तक जाना चाहता है?
जवाब- मेरा उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारी बनना है। इसकी तैयारी मैं कर रही हूं। भविष्य में मैं महिला सुरक्षा, चाइल्ड लेबर व सडक़ किनारे रहने वाले लोगों के लिए काम करूंगी।
कुछ अलग करने का जुनून कहां से दिमाग में आया?
जवाब- मुझे लगता था कि मेरे नाम के आगे अलग टाइटल होना चाहिए। इसके लिए मैं गोल तय करती गई और उसे पाने आगे बढ़ती गई। अभी भी मेरा सफर अधूरा है।
इतनी भाषाओं में रिकॉर्ड बनाने के बाद भी आप हिंदी को ही ज्यादा महत्व देती हैं, ऐसा क्यों?
जवाब- सभी देश अपनी मातृ भाषा को प्राथमिकता देते हैं। हमारा इंडिया ही ऐसा देश है, जो अन्य भाषा की कद्र करता है। आज का युवा हिंदी के बजाए इंग्लिश की ओर भाग रहा है। मैं बड़ी प्रतियोगिता में देखती हूं कि वहां लोग ट्रांसलेटर साथ लेकर चलते और अपनी भाषा में बोलते हैं, लेकिन हमें ये मौका नहीं मिलता। हमारे कॉम्पीटिटर हिंदी में जवाब देते हैं। यदि ऐसा रहेगा तो हमारी मातृभाषा हिंदी विश्व पटल में कैसे स्थापित हो पाएगी। इसी सोच के साथ मैं हिंदी को प्रमोट कर रही हूं।
अपने सपने पूरे करने के लिए महिलाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और आपके जीवन में क्या चुनौतियां रहीं?
जवाब- आज भी हमारा समाज पुरुष प्रधान है। इस बात को नकारा नहीं जा सकता। महिलाएं जो करना चाहती हैं, उन्हें फैमिली सपोर्ट नहीं मिलता। मैंने जब मॉडल बनने की बात घर में रखी सपोर्ट नहीं मिला, लेकिन मैंने अपने सपने पर काम किया। यह बात सही है कि जैसे ही आप कुछ करने लग जाते हैं तो फैमिली साथ खड़ी होती है।
अभी तक आपने अपने लिए जो सोचा वो सब पाया, ये कैसे संभव हुआ?
जवाब- मैंने जो सोचा उस पर काम किया और सफलता पाई। सोचते सभी हैं, लेकिन करने से घबराते हैं। मेरे अंदर ऐसा कभी नहीं रहा।
युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?
जवाब- आप अपने सपनों को लिए मेहनत करिए। परिवार से कभी झूठ मत बोलिए। युवावस्था जीवन का ऐसा पड़ाव है, जब आपके पास दो रास्ते होते हैं। तय आपको करना है कि आपको गलत रास्ते चलना है या सही रास्ते पर।
Published on:
18 Jun 2022 11:37 am
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