
छेड़छाड़ में पुलिस ने पकड़ा तो थाने की छत से कूदा युवक, पुलिस के हाथ-पैर फूले
ग्वालियर. छेड़छाड़ के आरोप में पकडकऱ लाए युवक ने हजीरा थाने की छत से कूदकर जान दे दी। घबराए पुलिस वाले उसे तुरंत अस्पताल ले गए लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजन का आरोप है पुलिस ने उसे पीटा फिर छत से कूदने की कहानी सुनाई। परिजन की शंका पर न्यायिक जांच के आदेश हुए। फिर न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में पीएम हुआ।
पुलिस के मुताबिक लधेड़ी निवासी नंदू बाथम (24) पुत्र गेंदालाल शनिवार सुबह करीब 8 बजे हजीरा थाने की छत से कूद गया। उसे हजीरा सिविल डिसपेंसरी ले गए लेकिन उसने दम तोड़ दिया। नंदू मल्लगढ़ा में ट्रिपल आइटीएम की कैंटीन में खाना बनाता था। शनिवार सुबह लूटपुरा निवासी महिला ने डायल 100 पर शिकायत की नंदू तंग कर रहा है। एफआरवी दोनों को थाने ले आई। महिला पुलिस को घटना बताने लगी, लेकिन नंदू अभद्रता करने लगा पुलिस ने रोका तो उसने दौड़ लगा दी। वह थाने छत पर पहुंचा और कूद गया। हजीरा पुलिस ने महिला की शिकायत पर नंदू बाथम पर छेडख़ानी का मामला दर्ज किया जबकि नंदू की मौत पर मर्ग कायम हुआ।
पिता के बाद संभाल रहा था घर
एक महीने पहले दिसंबर में नंदू के पिता गेंदालाल का निधन हो गया था। घर में मां गंगाबाई, 3 भाई राजकुमार, लाला, निक्कू भी है। घरवालों का कहना है घर की पूरी जिम्मेदारी नंदू पर ही थी। घर में सभी का लाड़ला था।
पीडि़ता ने कहा धमकी देता था बेटे को गोली मार देगा
पीडि़ता ने बताया नंदू आए दिन मुझे परेशान करता था। मुझे अपने पास बुलाता था। मना करने पर धमकी देता तुम्हारे बेटे को गोली मार दूंगा। शनिवार को भी उसने बुलाया मैंने मना कर दिया तो घर आ गया। दरवाजे पर लात मारकर गाली गलौज करने लगा। मैं दूसरे गेट से डॉक्टर के यहां काम पर चली गई। लेकिन नंदू वहां भी पहुंच गया और गाली देने लगा। तब मैंने डायल 100 को फोन किया। कुछ देर में पुलिस आ गई। हम दोनों थाने गए। मैं पुलिसवालों से बातचीत कर रही थी तो नंदू बदतमीजी करने लगा तभी भागकर छत पर चढ़ गया और कूद गया।
लापरवाही पर 6 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मौत पर एसपी नवनीत भसीन ने सहायक उपनिरीक्षक आरएन नरवरिया (नाइट ऑफिसर), प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र तिवारी, आरक्षक राजू मोगिया (मुंशी), आरक्षक प्रमोद प्रजापति (संतरी पहरा), प्रधान आरक्षक बृजमोहन परिहार (डायल 100 पर तैनात) आरक्षक रतन प्रकाश (डायल 100 ड्यूटी से अनुपस्थित) को लाइन अटैच कर दिया।
परिजन के इंतजार में रुका पीएम
पुलिस ने नंदू के शव को पीएम हाउस रखवा दिया। कुछ देर बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, एसडीएम भी आ गए। लेकिन परिजन के न आने से पीएम रुका रहा। बाद में मृतक का भाई आया, लेकिन उसने कहा जब तक चाचा नहीं आते पीएम नहीं होगा। चाचा हीरालाल के आने पर न्यायिक मजिस्टे्रट सुनीत अग्रवाल, संजय जैन और डॉक्टर सार्थक जुगरान, डॉ. नितिन और एक अन्य डॉक्टर की निगरानी में पीएम हुआ। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी हुई।
50 हजार की सहायता
नंदू की मौत का पता चलने पर कांग्रेस नेता सुनील शर्मा भी आ गए। परिजन ने उन्हें पूरा मामला बताया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारयों से बातचीत की। रेडक्रॉस की तरफ से 50 हजार रुपए और 2500 हजार रुपए उन्होंने खुद दिए। इसके अलावा दो लाख रुपए और मृतक की मां को नौकरी के लिए सीएम को प्रपोजल बनाकर भेजा गया।
पुलिस ने कहानी रची
सुबह 9 बजे पुलिस घर आई और कहा नंदू जेएएच में भर्ती है। अस्पताल पहुंचे तो उसकी मौत हो गई। अगर पुलिस उसे थाने ले गई फिर अस्पताल लाए तो जानकारी क्यों नहीं दी। पुलिस ने उसे पीटा है अब कहानी सुना रहे हैं छत से कूद गया। हमें इंसाफ चाहिए।
राजेश बाथम, मृतक का भाई
महिला की शिकायत पर एफआरवी उसे थाने लेकर आई थी। पूछताछ के बीच नंदू छत पर चढकऱ कूद गया। मामले की न्यायिक जांच हो रही है।
आरसी भोज, सीएसपी, महाराजपुरा
Published on:
10 Feb 2019 12:36 pm

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