17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

GWALIOR FORT: रियासत काल में गुप्तचरों के लिए बना , रास्ता अब होगा किले का तीसरा गेट

दरअसल यह रास्ता नया नहीं है, यह प्राचीन समय में किले के अंदर आने-जाने का गुप्त रास्ता था।

2 min read
Google source verification
kile ka gate

ग्वालियर। किले पर जाने वाले झिलमिल दरवाजे से न केवल नया रास्ता खुल सकता है, बल्कि योजना सफल रही तो किला तलहटी में बसे सिंधिया नगर के लोगों की किस्मत भी खुल जाएगी। दरअसल यह रास्ता नया नहीं है, यह प्राचीन समय में किले के अंदर आने-जाने का गुप्त रास्ता था।

इसका उपयोग युद्ध के समय बच निकलने के लिए किया जाता था या गुप्तचरों से मिलने के लिए इस रास्ते का उपयोग किया जाता था। इसमें पैदल और घोड़े से जाने के लिए पर्याप्त जगह बनी हुई है। इस गुप्त रास्ते में कुछ बदलाव करके रास्ता चौड़ा कर चार पहिया वाहनों को किले पर पहुंचाया जा सकता है।

बेहद घुमावदार रास्ता होने से यह पर्यटकों को रोमांचक सफर का एहसास भी कराएगा। बहरहाल निगम का सर्वे इसी गेट पर आकर टिक गया है। यहां सबसे पहले पत्रिका टीम मौके पर पहुंची और पुराने रास्ते को फिर से खोले जाने की संभावना की पड़ताल की। इसमें सबसे अहम बात अफसर और जनप्रतिनिाियों की इच्छाशक्ति पर ही निर्भर करेगा कि वह पर्यटन को बढ़ावा देने वाले इस रास्ते के लिए माहौल बना पाते हैं या यह योजना भी रोप-वे की तरह ही सपना बन जाएगा।

किले को नुकसान
किले के इस हिस्से में बने दरवाजे को भले ही ऊपर से बंद कर दिया गया हो, लेकिन यहां पर लोगों का आना-जाना लागातार जारी है। इसमें सबसे अधिक लोग नशा करने वाले और आसमाजिक तत्व हैं जो सूनसान जगह को नशाखोरी के लिए उपयोग कर रहे हैं। किले की दीवार के किनारे बसे कई लोगों ने अपने मकान बनाने के लिए किले की दीवार तक को तोड़ दिया है और दीवार से निकले पत्थरों का उपयोग लोगों ने मकान और पाटौर बनाने में भी कर लिया है, यह क्रम लगातार जारी है। अगर समय पर रोक नहीं लगी तो एक दिन कई दीवारें यहां खत्म हो जाएंगी।

अतिक्रमण : रास्ता बंद हो जाने के कारण कई लोगों ने किला तलहटी में सरकारी जमीन पर मकान भी बना लिए हैं और पशुपालन भी किया जा रहा है। जिसकी गंदगी को उक्त रास्ते पर डालकर लोगों का निकलना तक मुश्किल किया जा रहा है। अब यह लोग किले की बाउंड्री को खत्म करके किले के अंदर तक निर्माण करने की तैयारी में लगे हुए हैं।

नए रोजगार
योजना सफल होती है तो रोड से 400 मीटर के दायरे में दोनों तरफ बने मकानों की कीमत बढ़ जाएगी। लोगों के लिए नए रोजगार के साधन भी पैदा होंगे, जिससे सिंधिया नगर के लोगों को सबसे अधिक लाभ होगा।

जनहानि
रास्ता बन जाने से उरवाई गेट को वन वे कर दिया जाएगा। एेसे हालात में यहां पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में लोगों की जान को नुकसान नहीं होगा और यहां पर आने-जाने वालों को इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

एक और बावड़ी
किले के इस दरवाजे पर लोगों के रहने-ठहरने और पानी के लिए छोटी सी गुफा में बावड़ी बनी हुई है, जिसमें किले से रिसकर आने वाला पानी भरा हुआ है। इसे सैकड़ों वर्ष पहले बनाया गया था। वर्तमान में इसे सिद्ध बाबा की बावड़ी के नाम से भी लोग जानते हैं।