गिरफ्तारी की तलवार से बचने मंत्रालय में बैठे रहे लाल सिंह आर्य, पुलिस खोजती रही गोहद में

पुलिस ने गोहद में उनके सरकारी आवास पर दबिश दी लेकिन वह राजधानी स्थित मंत्रालय में अपने कक्ष में बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते रहे।

By: Gaurav Sen

Updated: 07 Dec 2017, 10:33 AM IST

भोपाल/भिण्ड/ग्वालियर। माखन जाटव हत्याकांड में गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को पुलिस ने गोहद में उनके सरकारी आवास पर दबिश दी लेकिन वह राजधानी स्थित मंत्रालय में अपने कक्ष में बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते रहे।

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इस दौरान वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पांचवीं मंजिल स्थित सीएम चेंबर भी गए। हालांकि मुख्यमंत्री के शिवपुरी दौरे में होने के कारण आर्य की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। अदालत में पेशी से नदारद रहने पर आर्य के खिलाफ मंगलवार को गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।

 

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भिण्ड पुलिस इस तथ्य से अनभिज्ञ रही कि मंत्री आर्य दिन में राजधानी स्थित मंत्रालय भवन में थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा का कहना है, हमने आर्य की गिरफ्तारी के लिए गोहद स्थित उनके सरकारी आवास पर टीम भेजी, जहां कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा, अदालत से वारंट बुधवार को मिला। हम गुरुवार से अपने प्रयास और तेज करेंगे।

 

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अफसरों से पूछा बचाव का रास्ता
सूत्रों के अनुसार आर्य दिन भर भोपाल में रहे। दोपहर में लंच के बाद बिना तामझाम के मंत्रालय पहुंचे। सूत्रों ने बताया, आर्य ने अफसरों से चर्चा की। उन्होंने कोर्ट का वारंट जारी होने के बाद बनी स्थिति के बारे में विमर्श किया। इसमें पुलिस प्रशासन, कानून के जानकार और प्रशासन के अफसर शामिल हैं। हालांकि संबंधित अफसरों ने इस मुलाकात से इनकार किया है।

 

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यह है मामला....

विदित हो कि गोहद के तत्कालीन विधायक माखनलाल जाटव की अप्रैल 2009 में ग्राम छटा में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ भागीरथ प्रसाद के चुनाव प्रचार करके वापस लौट रहे थे। मामले में विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता के न्यायालय द्वारा मंगलवार को लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया है। पूर्व में न्यायालय द्वारा 6 जमानती वारंट जारी किए जाने के बावजूद मंत्री लाल सिंह आर्य न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए जिसके चलते प्रकरण के एक मुख्य चश्मदीद गवाह सूर्यभान सिंह उर्फ बंटी गुर्जर निवासी खरौआ ने आवेदन पेश कर न्यायालय को बताया था कि यदि मंत्री लाल सिंह की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे प्रकरण के अन्य गवाहों को भी अपने पक्ष में कर सकते हैं।

 

हां, मैं मंत्रालय गया था
हां, मैं मंत्रालय गया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए उनके चेम्बर में भी गया, लेकिन के यहां न होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। मंत्रालय स्थित अपने चेम्बर में कुछ देर रुका और वापस आ गया।
लाल सिंह आर्य, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री

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