scindia school land issues- दलील... वर्ष 1992 में किला संरक्षित घोषित
ग्वालियर। द सिंधिया एजुकेशन सोसायटी ग्वालियर ने राजस्व विभाग से किले पर करीब 16.53 बीघा जमीन मांगी थी, जिसके आवंटन पर पांच लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसमें आपत्तिकर्ताओं ने संरक्षित घोषित स्मारक होने का तर्क देते हुए कहा कि किला क्षेत्र का पट्टा राज्य सरकार द्वारा जारी नहीं किया जा सकता।
संकेत साहू, सुभाष चंद्र जैन, अवधेश सिंह तोमर, संजय शुक्ला और देशराज दीक्षित ने आपत्ति दर्ज कराई है। प्रकरण के संबंध में पूर्व से ही पुरातत्व विभाग भारत सरकार ने कई बार आपत्ति की है, क्योंकि यह भूमि पुरात्वत विभाग भारत सरकार के स्वामित्व की है। लेकिन पूर्व में भी द सिंधिया एजुकेशन सोसायटी ग्वालियर ने राज्य शासन को वर्ष-2011 में भी आवेदन पेश किया था लेकिन राज्य शासन को पुरातत्व विभाग की आपत्ति होने के कारण जमीन आवंटन नहीं की गई थी।
ये मांगी थी जमीन
द सिंधिया एजुकेशन सोसायटी ग्वालियर ने ग्राम आहूखाना कला के सर्वे क्रमांक 777/2 रकवा, 14.277 में से 1.357 हेक्टेयर भूमि तहसील व जिला ग्वालियर को आवंटन कराने के लिए कलेक्टर को पेश किया था।
भूमि आवंटन का उद्देश्य नहीं दर्शाया
आपत्तिकर्ताओं ने कहा, भूमि आवंटन का कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं दर्शाता गया है। सिंधिया एजुकेशन सोसायटी ग्वालियर 'सिंधिया स्कूल' नाम से एक बोर्डिंग स्कूल चला रही है। किला परिसर में सोसाइटी ने प्राचीन स्मारक और पुरातत्व में निर्धारित संरक्षित स्मारक क्षेत्र में कई भवन और अन्य निर्माण कार्य किए हैं। यह संपत्ति केंद्र सरकार की है।