
admission in schools
ग्वालियर। रुक जाना नहीं योजना के तहत मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद से दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी इस सत्र में 11वीं कक्षा में स्कूलों में दाखिला नहीं ले सकेंगे। इन छात्रों को या तो राज्य ओपन बोर्ड से कक्षा 12वीं का प्रायवेट फॉर्म भरना होगा अथवा एमपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए एक साल का इंतजार करना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में 31 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरा करने के आदेश अभी दिए हैं। वहीं रुक जाना नहीं के विद्यार्थियों की पहले चरण का रिजल्ट जुलाई के आखिरी में घोषित हो सकता है। वहीं पहले चरण में फैल होने वाले छात्रों के लिए पास होने के लिए एक और मौका दिया जाएगा। इन विद्यार्थियों की परीक्षा नवंबर में आयोजित की जाएगी। ऐसे में छात्रों का रिजल्ट दिसंबर अथवा जनवरी तक जारी हो सकेगा। मंडल ने इन छात्रों को स्कूलों में प्रवेश न देने के लिए बीते दिनों आदेश जारी किए हैं। इसके बाद भी यदि कोई स्कूल ऐसे छात्रों को प्रवेश देते है तो कक्षा 12वीं की परीक्षा फार्म निरस्त कर दिए जाएंगे।
24 माह हो होना चाहिए अंतराल
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गत वर्ष ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं की परीक्षा से बाहर कर दिया था। जिन्होंने रुक जाना नहीं योजना के तहत 10वीं की परीक्षा दी थी और सितंबर व दिसंबर में प्रायवेट स्कूलों में दाखिल लिया था। इसकी मुख्य वजह कक्षा 12वीं व 12वीं की परीक्षा के बीच 24 माह का अंतराल न होना था। हालांकि विद्यार्थी चाहे तो वह ओपन बोर्ड से 12वीं कक्षा का फॉर्म भर सकते हैं। ओपन बोर्ड का सिलेबस एमपी र्बोउ से अलग होता है। इसमें कक्षा 11वीं का सिलेबस भी शामिल होता है।
शासन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल व हायर सेकंडरीकी परीक्षा में फेल होने छात्रों के लिए 2015-16 में रुक जाना नहीं योजना शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद विद्यार्थी द्वारा आत्महत्या सहित अन्य मामलों को रोकना व छात्र का एक साल बर्बाद होने से बचाना है। इस योजना के तहत परीक्षा लेने की जिम्मेदारी राज्य ओपन बोर्ड को दी गई है। ओपन बोर्ड पहले तीन चरणों व अब दो चरणों में इन बच्चों की परीक्षा आयोजित करवाता है।
Published on:
07 Jul 2022 05:10 pm
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