नवदुर्गा महोत्सव, दशहरा व दीपावली सहित अन्य त्योहारों और प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ग्वालियर जिले में धारा 144 प्रभावी रहेगी। जिला दंडाधिकारी अक्षय कुमार...
ग्वालियर. नवदुर्गा महोत्सव, दशहरा व दीपावली सहित अन्य त्योहारों और प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ग्वालियर जिले में धारा 144 प्रभावी रहेगी। जिला दंडाधिकारी अक्षय कुमार ङ्क्षसह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके चलते अब बिना अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थल पर जुलूस-मौन जुलूस, सभा-आमसभा व धरना-प्रदर्शन और रैली नहीं कर सकेंगे।
साथ ही किसी भी आयोजन के दौरान या सार्वजनिक तौर पर धारदार एवं मौथरे हथियार जैसे तलवार, लाठी, फरसा, बरछी एवं किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रतिबंधित रहेंगे। यह आदेश आगामी दो माह तक लागू रहेगा और उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 एवं अन्य दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय होगा।
इधर... 12 को गुर्जर समाज की सभा संभावित
गुर्जर समाज ने 12 अक्टूबर को फिर से सभा का ऐलान किया है। यदि सभा होती है तो बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं। सभा को लेकर इंटेलीजेंस इनपुट भी है, जिसके चलते धारा 144 लगाई गई है। ज्ञात है कि फूलबाग पर हुई गुर्जर महाकुंभ के बाद शहर में उपद्रव हो गया था।
इनकी अनुमति जरूरी, नारे-भाषण में बरतें संयम
कार्यक्रम करने से पहले अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभाग एक से अधिक आयोजन होने की स्थिति में अपर जिला दण्डाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगी। किसी भी प्रकार के कटाउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग, झण्डे इत्यादि पर किसी भी धर्म, व्यक्ति, संप्रदाय, जाति या समुदाय के खिलाफ नारे या भड$काऊ भाषा का इस्तेमाल किसी भी सार्वजनिक व निजी स्थान पर पूर्णत: प्रतिबंध है।
आदेश का इन आयोजन पर नहीं होगा प्रभाव
नव दुर्गा से पारिवारिक आयोजन शुरू हो जाते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद शादी-समारोह की शुभारंभ होगा। प्रशासन ने इन आयोजनों को धारा 144 के दायरे बाहर रखा है। पारिवारिक व विवाह समारोह, बरात के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इन पर सख्ती से प्रभावी रहेगी धारा-144
सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ या वैमनस्यता फैलानी वाली पोस्ट नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने या इनको फॉरवर्ड करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
किसी की संपत्ति पर आपत्तिजनक व भडक़ाऊ नारे लिखने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
त्योहार पर बाजारों में रहेगी भीड़, इसलिए इनपर पाबंदी
अक्टूबर व नवंबर में बड़े त्योहार हैं। इनकी वजह से बाजारों में भी भीड़ रहेगी। यदि भीड़ भरे बाजारों से रैली व जुलूस निकाले जाते हैं तो लोगों को परेशानी हो सकती है। अनुमति के वक्त आवेदन का भी परीक्षण होगा।