
कोरोना से जंग लडऩे एसडीएम ने स्थगित कर दी शादी, न्यायाधीश हर्षिता से होनी थी शादी
ग्वालियर। पांच माह पहले ही शादी की तारीख तय हो गई, शादी के लिए एक माह का अवकाश भी स्वीकृत हो गया, लेकिन कोरोना महामारी से जंग लडऩे की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने अपने फर्ज को प्राथमिकता दी और अपनी शादी टालने का फैसला किया। ये अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है श्योपुर जिले के विजयपुर एसडीएम त्रिलौचन गौड़ ने, जिन्होंने 4 मई को होने वाली अपनी शादी टाल दी है। साथ ही उन्होंने पूर्व में स्वीकृत हो चुके अपने एक माह के अवकाश को भी निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल को पत्र लिखा है।
मूलत: शिवपुरी जिले के कोलारस के रहने वाले डिप्टी कलेक्टर त्रिलौचन गौड़ वर्तमान में विजयपुर में एसडीएम हैं। एसडीएम गौड़ की शादी दिसंबर में ही देवास में न्यायाधीश के पद पर पदस्थ हर्षिता के साथ तय हो गई थी और तभी शादी की तारीख भी 4 मई निर्धारित कर ली गई। यही नहीं शादी के लिए एसडीएम गौड़ ने एक माह अवकाश भी मांगा था,जो मार्च के पहले हफ्ते में ही स्वीकृत हो गया था, जब कोरोना का असर नहीं था।
लेकिन अब जब शादी की तारीखें नजदीक आई, तो कोरोना महामारी के बीच अपनी शासकीय सेवक के रूप में जिम्मेदारी देखते हुए उन्होंने शादी टालने का निर्णय लिया। जिसमें उनकी जीवन संगिनी बनने वाली न्यायाधीश हर्षिता ने भी सहमति जताई और परिजनों ने भी। जिसके बाद एसडीएम गौड़ ने कलेक्टर को भी अपना अवकाश निरस्त करने का आवेदन दे दिया है।
शादी तो बाद में भी कर लेंगे, राष्ट्र की सेवा पहले-गौड़
अपनी शादी टालने के निर्णय पर एसडीएम गौड़ कहते हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में कर्तव्यपरायण रहते हुए हर संभव प्रकार से राष्ट्र की सेवा में विर्निदिष्ट भूमिका निभाना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए मैंने स्वयं के विवाह को स्थगित करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि कोविड-19 महामारी का संपूर्ण राष्ट्र दृढ़ता से सामना करते हुए बचाव व सुरक्षा में प्रयासरत है। ऐसे में मेरे अपने अनुभाग विजयपुर में इस गंभीर महामारी से बचाए रखने एवं लॉकडाउन का प्रभावी पालन कराने के लिए मेरा इंसिडेंट कमांडर के रूप में प्रमुख उत्तरदायित्व है और इसमें कलेक्टर के मार्गदर्शन में पूर्ण रूपेण प्रयासरत हैं।
Published on:
22 Apr 2020 11:00 am
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