
सर्दी-खांसी से पीडि़त छात्र स्कूल नहीं जाएं, परीक्षा में रहेगी अलग बैठने की व्यवस्था
ग्वालियर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कोई छात्र खांसी, सर्दी-जुकाम से पीडि़त है तो उसे स्कूल नहीं जाने की सलाह दी गई है। परीक्षाओं में बीमार छात्रों को अलग से बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। यह भी कहा गया है कि सर्दी, बुखार से पीडि़त सभी विद्यार्थी परीक्षा के दौरान मुंह पर मास्क पहनकर आएं।
स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने गुरुवार को प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को यह निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि शिक्षक व प्राचार्य अभिभावकों को समझाएं कि अगर बच्चा मौसमी बीमारी से पीडि़त है तो घर पर ही रखें और जब तबीयत सही हो जाए, तब ही स्कूल भेजें। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
स्कूलों में पत्र भेजे हैंक
ोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व उसके प्रति स्कूली बच्चों में जागरुकता फैलाने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। वहीं ग्वालियर कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने भी सभी स्कूलों में पत्र भेजकर शिक्षकों को निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन दिनों बोर्ड परीक्षा हाईस्कूल, हायर सेकंडरी के साथ पांचवीं व आठवीं की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसलिए अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसमी बीमारी से पीडि़त कोई परीक्षार्थी पहुंचता है तो उसे अलग से बैठाने की व्यवस्था की जाए। हॉस्टल वॉर्डन के लिए भी इस संबंध में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सर्दी और खांसी जैसी मौसमी बीमारी से पीडि़त छात्रों को स्कूल से अवकाश दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए दिए गए हैं।
संजीव शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक
Published on:
6 Mar 2020, 12:52 AM IST
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