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हाईकोर्ट ने वेयर हाउस रेगुलेटरी अथोरिटी को पक्षकरा बनाए जाने के लिए दिया नोटिस

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वेयर हाउस रेगुलेटरी अथॉरिटी को पक्षकार बनाए जाने के लिए नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के आवेदन पर जारी किया गया है। बैंक ने तर्क दिया कि धान पर ऋण वेयर हाउस रेगुलेटरी अथॉरिटी की रसीदों पर दिया है। इसकी याचिका की सुनवाई सितंबर में होगी।

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gwalior high court

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हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वेयर हाउस रेगुलेटरी अथॉरिटी को पक्षकार बनाए जाने के लिए नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के आवेदन पर जारी किया गया है। बैंक ने तर्क दिया कि धान पर ऋण वेयर हाउस रेगुलेटरी अथॉरिटी की रसीदों पर दिया है। इसकी याचिका की सुनवाई सितंबर में होगी।

दरअसल कल्याण यादव, भूपेंद्र यादव ने लश्कर उपज मंडी से किसानों से उधार धान खरीदी। किसान को 10 हजार रुपए का भुगतान किया। व्यापारियों ने इस धान को डबरा के वेयरहाउस में रख दिया। धान वेयरहाउस में जमा होने के बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 7 करोड़ रुपए का ऋण निकाल लिया। जब किसानों को भुगतान नहीं हुआ तो कलेक्टर के पास शिकायत पहुंची। कलेक्टर के आदेश पर डबरा में रखी धान को कुर्क कर लिया। नीलामी की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच बैंक ने धान को बंधक बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद व्यापारी व मंडी प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। धान खराब न हो जाए, उसको लेकर हाईकोर्ट युगल पीठ ने नीलाम करने आदेश दिया। धान नीलाम हो चुकी है और पैसा कलेक्टर के नाम जमा है। इस मामले में बैंक ने वेयर हाउस रेगुलेटरी अथॉरिटी को पक्षकार बनाए जाने का आवेदन दिया है।