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जब 18 साल बाद स्कूल पहुंचा छात्र और बोला— “मेरी फीस वापस करो, तुम्हारी शिक्षा बेकार है…”

ग्वालियर व्यापार मेले के सांस्कृतिक मंच पर रविवार की शाम हंसी के ठहाकों और सिस्टम पर तीखे व्यंग्य के नाम रही। वीमेंस नाट्य संस्था की ओर से प्रसिद्ध हंगेरियन लेखक फ्रिट्ज कारेन्थी द्वारा लिखित कालजयी नाटक ‘रिफंड’ का मंचन किया गया। गीतांजलि गीत के निर्देशन में सजे इस नाटक ने मनोरंजन के साथ-साथ वर्तमान शिक्षा […]

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ग्वालियर व्यापार मेले में नाटक 'रिफंड' का मंचन, लचर शिक्षा व्यवस्था और डिग्री के व्यापार पर तीखा कटाक्ष

ग्वालियर व्यापार मेले में नाटक 'रिफंड' का मंचन, लचर शिक्षा व्यवस्था और डिग्री के व्यापार पर तीखा कटाक्ष

ग्वालियर व्यापार मेले के सांस्कृतिक मंच पर रविवार की शाम हंसी के ठहाकों और सिस्टम पर तीखे व्यंग्य के नाम रही। वीमेंस नाट्य संस्था की ओर से प्रसिद्ध हंगेरियन लेखक फ्रिट्ज कारेन्थी द्वारा लिखित कालजयी नाटक 'रिफंड' का मंचन किया गया। गीतांजलि गीत के निर्देशन में सजे इस नाटक ने मनोरंजन के साथ-साथ वर्तमान शिक्षा प्रणाली की विसंगतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

अजीब मांग और सिस्टम की चतुराई
नाटक की कहानी एक ऐसे पूर्व छात्र 'राधेश्याम' (रितेश गुर्जर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 18 साल बाद अपने स्कूल लौटता है। उसका तर्क है कि स्कूल में जो कुछ उसे पढ़ाया गया, वह असल जिंदगी में किसी काम का नहीं है, इसलिए उसकी पूरी फीस 'रिफंड' की जाए। इसके बाद प्रिंसिपल और अलग-अलग विषयों के शिक्षकों के बीच शुरू होता है हास्य और तर्क-वितर्क का वह सिलसिला, जो दर्शकों को लोटपोट कर देता है। अंत में सिस्टम की चतुराई जीतती है, लेकिन दर्शकों के जहन में यह सवाल छोड़ जाती है कि क्या हमारी शिक्षा वाकई हमें संस्कारवान बना रही है?

शिक्षा व्यापार नहीं, संस्कार है
मंचन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार और व्यापार हावी हो गया, तो आने वाली पीढ़ी केवल डिग्रियां लेकर घूमेगी, संस्कारवान नहीं बनेगी। समाज को जागरूक करने के लिए शिक्षा प्रणाली में मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक बदलाव बेहद जरूरी हैं।

मंच के कलाकार और पर्दे के पीछे की टीम
नाटक में प्रिंसिपल की भूमिका में अनिमेष मिश्रा ने जान फूंक दी। वहीं भूगोल टीचर के रूप में जाह्नवी पाटीदार, इतिहास टीचर अनेरी पाटीदार, गणित टीचर पंकज शर्मा और फिजिक्स टीचर की भूमिका में उमंग शर्मा ने अपने अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा।

संगीत : अर्जुन यादव
वेशभूषा : प्रियंका, शिवांगी राठौर
मंच सज्जा : उपेंद्र, ओम और आशीष