
इलाज सरकारी अस्पताल में, मरीज दवाइयां बाहर से लाने को क्यों मजबूर?
ग्वालियर. मुरार जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। उपचार के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से कई बार अस्पताल में हंगामें की स्थिति भी बन चुकी है। अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या अल्ट्रासाउंड की है, यहां केवल गर्भवती महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं, अन्य मरीजों को मना कर दिया जाता है। यहां रेडियोलॉजिस्ट द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने के बाद दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज परेशान होते रहते हैं। अस्पताल में पट्टी आदि सामान मरीजों से ही मंगवाया जाता है। उपचार कराने की मजबूरी में मरीजों को बाहर से ही सामान लाना पड़ता है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं के संबंध में सीएमएचओ मृदुल सक्सेना से पत्रिका एक्सपोज की चर्चा।
- मुरार जिला अस्पताल में सभी मरीजों के अल्ट्रासाउंड क्यों नहीं किए जा रहे हैं?
- अभी फिलहाल कुछ समस्याएं बनी हुई हैं, शीघ्र ही व्यवस्थाओं में सुधार लाया जाएगा, फिर भी प्रयास किया जाता है कि अधिक से अधिक मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाएं।
-अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था अभी तक क्यों नहीं हो पाई है?
-यह बात सही है कि रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं है, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं, शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करा दी जाएगी।
-बजट आने के बाद भी मरीजों से पट्टी और अन्य सामान क्यों मंगवाया जाता है?
-अस्पताल में समय-समय पर सभी सामग्री भिजवाई जाती है, अगर किसी मरीज से बाहर से सामान मंगवाया जा रहा है तो यह गलत है, इसकी जानकारी ली जाएगी।
-अस्पताल में मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है?
- ऐसे मामलों में जब भी शिकायत आती है तो मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ मामलों में मरीज ही शिकायत नहीं करते हैं, जिस कारण परेशानी आती है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
Published on:
07 Nov 2019 07:11 pm
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