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ग्वालियर। कर्ज में डूबे होने की वजह से एक जनवरी से लापता हुए गल्ला व्यापारी संतोष गुप्ता (४४) पुत्र किशोरीलाल निवासी ऊषा कॉलोनी डबरा ने आगरा में फांसी लगा ली। मंगलवार को देर शाम उसका शव आगरा से लाया गया और रात करीब ९ बजेे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बताया गया है कि सट्टा खेलने की लत लगने के कारण वह कर्ज में चला गया। इधर, उसके पास से मिले सुसाइड नोट में यह बात सामने आई है कि वह नोटबंदी के दौरान बर्बाद हो गया। सुसाइड नोट के मुताबिक नोटबंदी के समय भाजपा नेता को ४० लाख रुपए दिए गए और तीन माह बाद ३६ लाख रुपए वापिस करने के लिए कहा गया था लेकिन नहीं मिले।
उसकी मौत के बाद पुलिस भी उस भाजपा नेता का कुछ भी नहीं कर पाएगी क्योंकि वह पॉवरफुल है ऐसा संतोष मरने के पहले अपने सुसाइड नोट में लिखा है। २५ लाख रुपए अमित सूर्यवंशी ने भी धोखधड़ी की है। सोमवार को सूचना मिलने पर परिजन आगरा के लिए रवाना हो गए।
मंगलवार को उसकी बॉडी के आते ही परिवार में चीख पुकार शुरू हो गई। हालांकि संतोष १ जनवरी से लापता था और ५ जनवरी को सिटी थाने में इस संबंध में गुमशुदगी का मामला दर्ज था। यहां यह सवाल उठता है कि पुलिस ने भी इस मामले में सक्रियता नहीं दिखाई।
दो बेटों को छोड़ गया
व्यापारी संतोष अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गया हैऔर मरने के पहले उसने सुसाइड नोट में अपने बड़े भाई कमलकिशोर उर्फ कम्मूभाई के लिए भी लिखा है कि उसे माफ करना और उसके बेटे शिवम और सोलू का ध्यान रखना। साथ ही यह भी लिखा है कि दोनों बेटों को खूब पढ़ाएं सरकारी नौकरी नहीं लगे तो व्यापार करा देना। वह काफी कर्ज मेें डूब गया था जिसे लेकर परेशान था।
पहले भी हुआ था लापता
करीब ८ साल पहले भी संतोष संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसका क्षेत्र के एक जगह स्कूटर मिला था जिसे लेकर परिजन एवं समाज के लोगों ने अपहरण की आशंका जताई थी और इस बात को लेकर व्यापारियों द्वारा हंगामा भी किया गया था। हालांकि कुछ दिनों बाद वह वापिस आ गया था।
Published on:
10 Jan 2018 08:05 pm

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