हनुमानगढ़. राजस्थान क्षेत्र की नहरों में 21 मई से सिंचाई पानी चलने की संभावना बन सकती है। इसके लिए जल संसाधन विभाग राजस्थान सरकार स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
-15 को बीबीएमबी की प्रस्तावित बैठक में होगा फैसला
-नहरी पानी मिलने पर खरीफ फसलों की बिजाई गति में आएगी तेजी
हनुमानगढ़. राजस्थान क्षेत्र की नहरों में 21 मई से सिंचाई पानी चलने की संभावना बन सकती है। इसके लिए जल संसाधन विभाग राजस्थान सरकार स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च स्तर से प्रयास करने के बाद नहरों में बंदी दस दिन पहले खत्म करके पेयजल चलाने का निर्णय लिया गया है।
इस क्रम में अब इंदिरागांधी नहर में 1000 तथा भाखड़ा नहर में करीब 400 क्यूसेक पेयजल के लिए चलाया जा रहा है। अब 15 मई को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है। इसमें राजस्थान के अधिकारी 21 मई से राजस्थान क्षेत्र की नहरों में सिंचाई पानी चलाने की मांग रखेंगे।
इसमें बीबीएमबी स्तर पर सहमति बनती है तो अगले सप्ताह से नहरों में सिंचाई पानी भी चल सकता है। हालांकि अभी इस संबंध में निर्णय होना बाकी है। परंतु राजस्थान क्षेत्र के अधिकारी इसे लेकर समन्वय बनाने का प्रयास कर रहे हैं। नहरों में सिंचाई पानी चलने पर खरीफ फसलों की बिजाई में तेजी आएगी। साथ ही जिन फसलों की बिजाई हो चुकी है, उनमें सिंचाई पानी की कमी पूरी होगी।
स्वीकृति मिलने पर राहत
विभागीय जानकारी के अनुसार 21 मई से भाखड़ा नहर में 1200 तथा इंदिरागांधी नहर में 8000 क्यूसेक पानी चलाने का इंडेंट राजस्थान सरकार बीबीएमबी को सौंपेगी। बांधों के जल स्तर व जल की उपलब्धता के आधार पर शेयर का निर्धारण किया जाएगा। राजस्थान की ओर से प्रस्तुत इंडेंट के अनुसार शेयर स्वीकृत होता है तो इंदिरागांधी नहर में 21 मई से तीन में एक समूह में चलाने का रेग्यूलेशन लागू हो सकता है।
भाखड़ा बांध में आवक बढ़ी
भाखड़ा बांध में कुछ दिनों से आवक की स्थिति सुधर रही है। इस बांध में 12 मई 2025 को 17082 क्यूसेक आवक, 12932 क्यूसेक निकासी हो रही थी। इसी तरह 13 मई को 17083 क्यूसेक आवक तथा 14161 क्यूसेक निकासी हो रही थी। लगातार आवक बढऩे से बांधों का लेवल ठीक हो रहा है। इसी तरह आवक की स्थिति सुधरने पर भविष्य में नहरों में सिंचाई पानी मिलने की संभावना बन सकती है।