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भूमिहीनों को आवंटित जगह का कब्जा देने की मांग

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. वेयर हाउस व एफसीआई के गोदामों को निजी हाथों में नहीं देने, भूमिहीनों को आवंटित जगह का कब्जा देने आदि मांगों को लेकर माकपा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। इस मौके पर आवेदन करने वाले भूमिहीनों को जमीन आवंटित करने व नए सिरे से सर्वे करवाकर भूमिहीनों से आवेदन करवाए जाने समेत कई मांगों को लेकर केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर पड़ाव डाला।  

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भूमिहीनों को आवंटित जगह का कब्जा देने की मांग
-माकपा के विभिन्न संगठनों ने कलक्ट्रेट के समक्ष किया प्रदर्शन

हनुमानगढ़. वेयर हाउस व एफसीआई के गोदामों को निजी हाथों में नहीं देने, भूमिहीनों को आवंटित जगह का कब्जा देने आदि मांगों को लेकर माकपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। इस मौके पर आवेदन करने वाले भूमिहीनों को जमीन आवंटित करने व नए सिरे से सर्वे करवाकर भूमिहीनों से आवेदन करवाए जाने समेत कई मांगों को लेकर केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर पड़ाव डाला। इसमें भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी, सीटू, खेत मजदूर सहित अन्य ट्रेड यूनियनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले जंक्शन की धानमंडी में सभा हुई। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, जगजीत सिंह जग्गी, आत्मासिंह, मनीराम मेघवाल, शेरसिंह शाक्य आदि ने सभा को संबोधित किया। वकताओं ने कहा कि मौजूदा दौर में सरकार ने श्रम कानूनों को काफी कमजोर किया है। इसकी वजह से परेशानी बढ़ गई है। श्रम संगठन पिछले एक दशक में इसको लेकर कई बार हड़ताल भी कर चुके हैं। उनके इस हड़ताल में राज्य कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया था। केन्द्र की मोदी सरकार की नव उदारवादी व पूंजीपति परस्त नीतियों के कारण बेरोजगारी, गरीबी, असमानता व रोजी-रोटी का संकट बढ़ रहा है। जनता की अपनी अवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खर्च करने की क्षमता घट रही है। बेरोजगारी व महंगाई से गरीबी व भूखमरी बढ़ रही है। मांगों को पूरा नहीं करने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

बढ़ती महंगाई तोड़ रही कमर
वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कमजोर करने के कारण बढ़ती महंगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य वस्तुओं के दामों में भारी वृद्धि हो रही है। इस आंदोलन को पूरे आठ माह अप्रैल 2024 माह तक चलाया जाएगा। तब तक ट्रेड यूनियन के सदस्य लगातार सडक़ों पर संघर्ष करेंगे। राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे वर्कर्स को 26 हजार रुपए न्यूनतम मजदूरी और 10 हजार रुपए पेंशन भुगतान, ठेका प्रथा बंद करने, किसानों को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, सार्वजनिक क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण बंद करने, भूमिहीन किसानों को जमीन देने सहित 19 सूत्री मांगें की गई।

किसानों ने जताया रोष
हनुमानगढ़. भाखड़ा किसान संगठन हनुमानगढ़ की ओर से जिला कलक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। नरमा में सुंडी अटैक होने के संदर्भ में कृषि मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संयोजक राय सिंह जाखड़ बंसरीवाला के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया कि नरमा की फसल में सुंडी (लार्वा) में कार्यवाही व क्षतिपूर्ति हेतु मांग की थी कि ईलाके के साथ साथ लगभग पूरे राजस्थान प्रदेश में किसानों ने खरीफ फसल में नरमा की बीटी की बिजाई की हुई है। उसके फूल फल को सुंडी नुकसान पहुंचा रही है। विभाग व नहरी तंत्र और कमेटियां भाखड़ा को पानी ना देकर उसमे घोटाला कर पानी अन्य को बेचती है। इससे जो नुकसान हो रहा है ये जांच का विषय है, जब तक जांच होकर दोषियों पर कार्यवाही ना हो तब तक किसानों की जमीनों की कुर्की पर रोक लगाई जाए। सुभाष मक्कासर, भीमसेन गोदारा, सचिन कौशिक, गुरराज सिह, शंकर लाल, सुरेन्द्र भादू, गजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।