14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस बांध का 10 फीट तक बढ़ाया जाएगा लेवल! राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा भरपूर पानी

Rajasthan: बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में वर्तमान में अच्छी बारिश नहीं हो रही है। इस वजह से बांध खाली हो रहे हैं। जिसे देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जानें...

2 min read
Google source verification

भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की चंडीगढ़ में हुई अहम बैठक में पोंग बांध का लेवल बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया। इसमें राजस्थान की तरफ से बैठक का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने किया। बैठक में राजस्थान ने पोंग बांध का लेवल 1390 से बढ़ाकर 1400 फीट करने का प्रस्ताव रखा।

इस मुद्दे पर बीबीएमबी चेयरमैन ने पंजाब से सवाल-जवाब भी किए। इस दौरान यह बात सामने आई कि डाउनस्ट्रीम की पानी प्रवाह की क्षमता डेढ़ लाख क्यूसेक है जबकि तय डिजाइन के अनुसार इसकी मात्रा काफी है। ऐसे में जरूरी है कि वह काम चिह्नित किए जाएं, जिससे डाउन स्ट्रीम की पानी प्रवाह क्षमता बढ़ सके।

यह भी पढ़ें : बीसलपुर बांध के गेट खोलने से पहले प्रशासन ने कर दी ये बड़ी गलती, खामियाजा भुगतेगा यह जिला

किसानों को मिल सकेगा फसलों के लिए पानी

सुरक्षा की दृष्टि से मूल्यांकन करके पोंग बांध में अधिकाधिक पानी भरने की बात राजस्थान के अधिकारियों ने कही, ताकि आगे रबी सीजन में राजस्थान के किसानों को रबी फसलों की बिजाई के लिए पूरा पानी मिल सके। गत वर्षों की तुलना करें तो इस वर्ष पोंग बांध में पानी की आवक की स्थिति कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है। शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ में संपन्न हुई बैठक में बांधों के रख-रखाव सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।

यह भी पढ़ें : राजस्थान में मानसून ट्रफ लाइन ने बदली दिशा, इन जिलों में अगले 3-4 दिन होगी अति भारी बारिश!

खाली है बांध

बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में वर्तमान में अच्छी बारिश नहीं हो रही है। इस वजह से बांध खाली हो रहे हैं। भाखड़ा बांध का भराव लेवल 1685 फीट है। जबकि छह सितम्बर को इस बांध का लेवल 1642.47 फीट था। इसी तरह पोंग बांध का भराव लेवल 1390 फीट माना गया है। इस बांध का लेवल छह सितम्बर को 1363.23 फीट था। इस तरह दोनों बांध अभी खाली पड़े हैं। जबकि भराव का समय 20 सितम्बर तक माना जाता है। इस तरह एक पखवाड़े मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो बांध खाली रह जाएंगे।

यह भी पढ़ें : Rajasthan: 17 नए जिलों में से ये नए जिले होंगे रद्द! भजनलाल सरकार ने दिए बड़े संकेत; जानें