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लघु शंका-दीर्घ शंका पर फरारी की आशंका

अदरीस खान @ हनुमानगढ़. लघु शंका-दीर्घ शंका, फरारी के लिए शातिर बदमाश इस बहाने का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे थाने से या फिर सुधार गृह से भागना हो, हर जगह शौचालय का ही उपयोग हो रहा है। विज्ञापन फिल्म की भाषा में कहें तो जहां फरार होने की सोच, वहां शौचालय।

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लघु शंका-दीर्घ शंका पर फरारी की आशंका

लघु शंका-दीर्घ शंका पर फरारी की आशंका

लघु शंका-दीर्घ शंका पर फरारी की आशंका
- पुलिस की गिरफ्त से फरार होने के लिए सबसे ज्यादा शौचालय जाने का बहाना
- जिले में गत डेढ़ वर्ष में फरारी की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं आ चुकी सामने
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. पुलिस व कानून की गिरफ्त से फरार होने के लिए शातिर बदमाश लघु शंका-दीर्घ शंका जैसी कुदरती क्रिया के बहाने का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे थाने से या फिर सुधार गृह से भागना हो, हर जगह शौचालय का ही उपयोग किया जा रहा है। विज्ञापन फिल्म की भाषा में कहें तो जहां फरार होने की सोच, वहां शौचालय। जिले में गत डेढ़ वर्ष में पुलिस की गिरफ्त एवं सुधार गृह से फरारी के आधा दर्जन प्रकरण सामने आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर लघु शंका-दीर्घ शंका जैसे बहानों का ही इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिकांश प्रकरणों में भागने के कुछ दिनों बाद ही आरोपियों को दबोच लिया। मगर इससे व्यवस्था की लापरवाही छिप नहीं जाती है। यह पुलिस व कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। अकेले बाल सुधार गृह से ही साल भर में एक दर्जन से अधिक बाल अपचारियों के भागने की घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि कोरोना काल में तीन आरोपी कोविड केयर सेंटर से फरार हो चुके हैं। टिब्बी से गत सप्ताह ही बलात्कार का आरोपी शौचालय से पार हो गया।
लगाकर कुंडी भागा
टिब्बी के वार्ड 20 निवासी बलकार सिंह पुत्र बलविन्द्र सिंह को बलात्कार के आरोप में टिब्बी पुलिस ने चार अगस्त को गिरफ्तार किया था। पांच अगस्त की सुबह उसकी कोरोना व सीमन की जांच करानी थी। सीमन की जांच वास्ते जब सैम्पल के लिए आरोपी सीएचसी के शौचालय में गया तो उसने अंदर से कुण्डा लगाकर रोशनदान से फरार हो गया।
शौचालय से पार
नौ मार्च 2020 को चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ अमन (22) पुत्र राजू छजगरिया निवासी मुक्तसर जंक्शन पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था। वह थाने में शाम को लघुशंका का बहाना कर शौचालय गया। वहां से पुलिसकर्मी को धक्का देकर दीवार फांद कर फरार हो गया। पुलिस ने उसे चार दिन बाद गिरफ्तार कर लिया।
शौचालय की खिड़की से निकले
बाल सुधार एवं सम्प्रेषण गृह से डेढ़ साल में बाल अपचारियों के भागने के चार मामले सामने आ चुके हैं। इसके लिए कभी पेट दर्द का बहाना बनाया गया तो कभी शौचालय जाने का। फिर शौचालय की खिड़की काटकर फरार हो गए। इनमें ज्यादातर अपचारी एनडीपीएस एवं चोरी के प्रकरणों में निरुद्ध किए गए थे। जाहिर है कि सुधार गृह की व्यवस्थाओं को ठीक करने की जरूरत है।
फरारी की फैक्ट फाइल
- 5 अगस्त को टिब्बी पुलिस की गिरफ्त से बलात्कार का आरोपी शौचालय के रोशन से भागा। उसे सात अगस्त को पकड़ लिया गया।
- एक अगस्त 2021 को जंक्शन स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती चोरी का आरोपी फरार। इससे पहले भी दो जने हो चुके फरार। शौचालय के रोशनदान का किया इस्तेमाल।
- एक अगस्त 2021 को बाल सुधार एवं सम्प्रेषण गृह से दो बाल अपचारी फरार हुए।
- 31 जुलाई को टिब्बी के गांव साबुआना में धोखाधड़ी का आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कराया कि धक्का-मुक्की कर आरोपी के परिजनों ने उसे फरार करवा दिया। पुलिस ने चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
- चार अप्रेल 2021 बाल सुधार एवं सम्प्रेषण गृह से तीन नाबालिग अपचार फरार हुए।
- नौ मार्च 2020 को चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी जंक्शन थाने से लघु शंका के बहाने शौचालय से फरार।
- 22 नवम्बर 2020 को भी बाल अपचार भागे। वर्ष 2020 में फरारी की दो घटनाओं में नौ अपचार भाग गए थे।
हो सकता है गंभीर मसला
पुलिस हिरासत से या सुधार गृह से फरार होना गंभीर मुद्दा है। यह लापरवाही ही कहलाएगी। इससे कानून व्यवस्था को लेकर कभी बड़ा मसला भी हो सकता है। इसके अलावा फरार आरोपियों पर भी एक मामला और दर्ज हो जाता है। - हनीश ग्रोवर, अधिवक्ता।