हनुमानगढ़

स्कूल बना शरणस्थली

स्कूल बना शरणस्थली - राजकीय विद्यालयों में घग्घर प्रभावित परिवारों को ठहराया -‘शहर भी बचे, गांव भी बचे, खेत भी बचे इस योजना पर अमल करना होगा’ - कैली बन रही है परेशानी का सबब प्रथम पाइंट पर ही हो इसका निस्तारण

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स्कूल बना शरणस्थली

हनुमानगढ़. डबलीराठान उपतहसील क्षेत्र की जीवनदायिनी बरसाती नदी घग्गर नदी के सबसे नजदीक कुछ कदम दूर गांव सहजीपुरा एवं गांव बहलोलनगर पर निर्मित काजवों (पुलों) पर अभी इतना दबाव नहीं है, यानि दोनों काजवे सुरक्षित है लेकिन कैली का निस्तारण सिर दर्द साबित हो रहा है। सहजीपुरा काजवे के पाइपों से पानी बह रहा है, रुकावट डाल रही तो कैली। बहलोलनगर गांव के काजवे पर कैली के कारण पानी प्रवाह ऊपर से होने लगा है। कृषि कार्यो आदि के लिए ग्रामीण काजवे के ऊपर बह रही कैली एवं पानी से गुजर दूसरी ओर आ जा रहें हैं। दोनों काजवों से कैली निकालने के लिए एक्सवेटर मशीन की सहायता लेना मजबूरी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी को अभी तक कोई खतरा नहीं है लेकिन प्रशासन ओटू हैड से रिलिज किए पानी को देखते हुए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। सहजीपुरा एवं बहलोलनगर के ग्रामीणों द्वारा प्रशासन की कमजोरी पर गहरा रोष व्यक्त कर आलोचना भी की गई है।


शहर भी बचे गांव भी बचे तो खेती भी बचे
सहजीपुरा के ग्रामीण एवं किसानों ने पत्रिका को बताया कि प्रशासन की कार्य योजना सुचारु नहीं है, बरसाती नदी की स्थिति पर गोर नहीं करना अब प्रशासन को भारी पड़ रहा है। दो तीन दशकों बाद घग्गर नदी में बड़ी मात्रा में पानी आने की सूचना के बाद प्रशासन जागा तो स्थिति देख उसके हाथ पांव फूलने लगें। ग्रामीण प्रकाश चोटिया, राम कुमार दूधवाल, माकपा राज्य कमेटी उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच रामेश्वर वर्मा, हरी राम बादंडा़, सही राम शर्मा, गुरदेव सिंह, धन्ना भगत, माकपा नेता विनोद कुमार, बहलोलनगर के प्रहलाद आदि का कहना है कि प्रशासन को जिला मुख्यालय बचाने की अधिक चिंता हो रही है। प्रशासन की कार्य योजना पर पकड़ ढीली है। प्रशासन ऐसी योजना बनाएं ताकि शहर भी बचे, गांव भी बचे एवं खेती भी बचे। पूर्व में प्रशासन का ग्रामीण एवं किसान मदद कर तटबंधो आदि की सुरक्षा के लिए सहयोग करते थे, अब प्रशासन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए गांव खाली करने पर जोर दे रहा है। दो तीन दशक से नदी में पानी कम आना शुरु हुआ तो हमारी पकड़ ढीली हो गई। ग्रामीण यह भी कहते हैं कि नदी का बहाव एरिया सकडा़ एवं छोटा तथा नदी क्षेत्र के बंंधों की सार संभाल हम लोग भूल गए, जिसका खामियाजा अब भुगत रहे हैं। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा का कहना है कि जिले के तलवाड़ा झील से रामपुरा जिले की सीमा तक घग्घर नदी बहाव क्षेत्र में बंधों की सुरक्षा एवं बहाव एरिया में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से नदी की धार बहाव का एरिया कम होना भी इसका सबसे बड़ा कारण है जिसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकार तटबंधों की सुरक्षा एवं मजबूती के लिए ग्रामीणों को सहायता देती तो वे लोग स्वयं बंधों को मजबूत करते कैली का निस्तारण प्रथम पाइंट पर किया जाता तो आगे बंधों एवं काजवे पुलो पर 10-12 मशीनें लगाने की जरुरत नहीं होती, जिससे समय एवं पैसे की भी बचत होती। उन्होने बहलोलनगर सरपंच गुरलाल सिंह सिद्धू, पंचायत समिति सदस्य घेरुराम गोदारा आदि से भी चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया।


प्रशासन सक्रिय
घग्घर नदी बहाव बड़ी मात्रा में पानी आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। शनिवार दोपहर तक क्षेत्र के नदी बहाव में चार हजार क्यूसेक पानी प्रवाह होने से अभी खतरे वाली बात नहीं थी, लेकिन घग्घर के उद्दम स्थलों की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। आने वाले दो तीन दिनों में नदी में पानी प्रवाह बढऩे की पूरी संभावना बनी हुई होने को लेकर प्रशासन गंभीर हैं। जिला कलेक्टर से लेकर पुलिस अधीक्षक आदि ने दिन रात एक कर रखा है। शनिवार को सहजीपुरा एवं बहलोलनगर, मसरुवाला क्षेत्र पर प्रशासन की ओर से नजर रखने के लिए नायब तहसीलदार अंकित मिमाणी, गिरदावर कमला एवं दुर्गा, पटवारी दीपक गुप्ता, रोहिताश, सुखदीप, भारत भूषण, सुखवीर, रवि दास डटे हुए हैं। पीलीबंगा तहसीलदार आकांक्षा, रामरतन भारी, पूर्व मंत्री डॉ. राम प्रताप, पूर्व जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया आदि ने भी घग्घर नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर गिरदावर ,पटवारी एवं ग्रामीणों आदि से जानकारी ली।

सेवा ही धर्म, ग्रामीणों ने शुरु की लंगर पानी की सेवाएं
ग्राम पंचायत को मिल रहा है ग्रामीणों का सहयोग
डबलीराठान. घग्गर नदी में पानी की अधिक मात्रा में आने की सूचना पर प्रशासन कोई चूक नहीं करना चाहता। इलाके की सुरक्षा को देखते हुए जिला कलेक्टर एवं एसपी के दिशा निर्देश पर पुलिस एवं विशेष टीमें कस्बे की मोलवी वास की अरोड़वंश एवं व्यास धर्मशाला में ठहरी हुई हैं। उनके भोजन आदि की व्यवस्था ग्रामीणों के सहयोग से ग्राम पंचायत सरपंच बेअंत कौर टीम द्वारा की जा रही है। सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह सुमल ने बताया कि घग्घर नदी में बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा पुलिस जाब्ता व अन्य जवानों के लंगर की व्यवस्था पंचायत घर में वार्ड चार स्थिति गुरद्वारा सिंघ सभा द्वारा ग्राम वासियों के सहयोग से कीजा रही है। सेवादारों में संदीप अस्पाल, मनदीप, कुलदीप सिंह, ज़ोरावर सिंह, डिप्टी सिंह, एकम सिंह लगातार सहयोग कर रहे हैं। कुतुबवास ग्राम विकास अधिकारी इकबाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात जिला कलेक्टर के आव्हान एवं निरीक्षण के बाद खतरे को देखते हुए चक 11 एसटीजी आबादी के परिवारों को कुतुबवास स्थित राउमावि में ठहराया गया है। माकपा के जिला सचिव रघुवीर सिंह वर्मा एवं अन्य द्वारा घग्घर नदी क्षेत्र का दौरा किया गया एवं कस्बे के राउमावि में चक 11 एसटीजी के विस्थापित बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले और उनके लिए चाय की व्यवस्था करवाई। उनके साथ आने वाली दिक्कतों पर चर्चा कर उनका हौंसला बढ़ाया गया। इस अवसर पर रघुवीर वर्मा, संदीप शर्मा, सोनू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। इसके बाद सहजीपुरा एवं बहलोल नगर के घग्गर नदी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत की उनके दुख दर्द को समझा एवं सतर्क रह प्रशासन के सहयोग पर बल दिया गया।

Published on:
16 Jul 2023 11:00 am
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