हनुमानगढ़

पंजाब के तेवर पड़े नरम, भाखड़ा नहर में बंदी का संकट टला

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. राजस्थान व पंजाब के सीएम की वार्ता के बाद पंजाब के तेवर अब नरम पड़े हैं। इससे भविष्य में दोनों राज्यों के नहरी तंत्र के हालात सुधरने की उम्मीद जगी है। पंजाब की बात करें तो सरहिंद फीडर के निर्माण के बाद इसके पुनरोद्धार को लेकर कई बार प्रोजेक्ट बनाए गए। लेकिन जमीन पर ढेले का काम शुरू नहीं हुआ।  

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पंजाब के तेवर पड़े नरम, भाखड़ा नहर में बंदी का संकट टला

पंजाब के तेवर पड़े नरम, भाखड़ा नहर में बंदी का संकट टला
-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में अब भाखड़ा क्षेत्र की रबी फसलें पूरी तरह से हुई सुरक्षित
-सरहिंद फीडर के ४४१ से ४४७ नंबर आरडी को छोडक़र लाइनिंग करने पर सहमत हुआ पंजाब, भाखड़ा नहर में नहीं होगी बंदी

हनुमानगढ़. राजस्थान व पंजाब के सीएम की वार्ता के बाद पंजाब के तेवर अब नरम पड़े हैं। इससे भविष्य में दोनों राज्यों के नहरी तंत्र के हालात सुधरने की उम्मीद जगी है। पंजाब की बात करें तो सरहिंद फीडर के निर्माण के बाद इसके पुनरोद्धार को लेकर कई बार प्रोजेक्ट बनाए गए। लेकिन जमीन पर ढेले का काम शुरू नहीं हुआ। वर्ष २००९ में बनाए गए पुनरोद्धार प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई। लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। क्योंकि सरहिंद फीडर से पंजाब भाग अधिक प्रभावित होता है। इस नहर के जरिए पंजाब के हजारों हेक्टेयर खेत सिंचित होते हैं। इसलिए पंजाब सरकार इसके पुनरोद्धार प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा था। परंतु गत दिनों सीएम अशोक गहलोत ने पंजाब के सीएम से मुलाकात कर राजस्थान के हितों का ख्याल रखते हुए सरहिंद फीडर के मरम्मत प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का आग्रह किया था। इसके बाद माना जा रहा है कि पंजाब सरकार ने नरमी दिखाते हुए अब सरहिंद फीडर के मरम्मत को लेकर सभी तरह की तैयारी पूरी कर ली है। श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के किसानों के लिए राहत की बात यह भी है कि सरहिंद फीडर में लाइनिंग के दौरान भाखड़ा नहर में बंदी की नौबत भी नहीं आएगी। क्योंकि पंजाब सरकार इस बात पर भी सहमत हो गई कि सरहिंद फीडर के आरडी ४४१ से ४४७ तक के भाग को छोड़ते हुए शेष भाग में मरम्मत करवाएगा। पूर्व में पंजाब के अधिकारी इस भाग को शामिल करते हुए मरम्मत करवाने की जिद कर रहे थे। यदि एक साथ काम होता तो हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र की भाखड़ा नहर को सरहिंद फीडर में बंदी के दौरान पानी मिलना संभव नहीं था। इसलिए राजस्थान सरकार के आग्रह पर अब पंजाब सरकार ने सरहिंद फीडर के आरडी ४४१ से ४४७ तक के भाग को छोड़ते हुए मरम्मत कार्य शुरू करने पर सहमति प्रदान कर दी है। इस तरह साफ है कि नवम्बर मध्य से दिसम्बर मध्य तक राजस्थान में भाखड़ा नहर में बंदी को लेकर मंडरा रहे संकट के बादल भी अब छंट गए हैं। गौरतलब है कि सरहिंद फीडर में मरम्मत कार्य शुरू करने को लेकर १६ नवम्बर से २० दिसम्बर तक नहरबंदी ली जाएगी। इस अवधि में पंजाब भाग में पूरी तरह बंदी रहेगी। लेकिन राजस्थान का शेयर प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि लिंक चैनल से राजस्थान के शेयर की आपूर्ति करवाई जाएगी। बंदी के दौरान फीडर की लाइनिंग तथा लाइनिंग के नीचे बेड लेवल में फिल्टर मीडिया लगाने सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे। मरम्मत कार्य को नौ पैकेज में पूरा किया जाएगा। इस कार्य पर करीब ८० करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मरम्मत प्रोजेक्ट के तहत सरहिंद फीडर की टेल से अप स्ट्रीम तक करीब बीस किलोमीटर क्षेत्र में लाइनिंग की जाएगी। गौरतलब है कि सरहिंद फीडर और राजस्थान फीडर की मरम्मत को लेकर करीब १३०० करोड़ का बजट स्वीकृत है। लेकिन नहरों की सूरत सुधारने के प्रति पहले पंजाब गंभीरता नहीं दिखा रहा था। लेकिन जिस तरह से अब पंजाब सरकार नहरों के मरम्मत प्रोजेक्ट में दिचलस्पी दिखा रहा है, उससे लगता है कि भविष्य में जरूर नहरों का स्वरूप बदलेगा। इस नहर की हालत यह है कि जगह-जगह से यह क्षतिग्रस्त है। बरसों से सार संभाल के अभाव में इस फीडर की हालत डरावनी हो चुकी है। बरसों से इस फीडर की ढंग से सफाई भी नहीं हुई। पंजाब और राजस्थान के सीएम की २५ जुलाई २०१९ को चंडीगढ़ में हुई बैठक में दोनों प्रदेशों में नहरी तंत्र के सुधार को लेकर काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद नहर मरम्मत प्रोजेक्ट को गति मिली है। इससे भविष्य में राजस्थान के किसानों को राहत जरूर मिलेगी। राजस्थान व पंजाब की नहरों के पुनरोद्धार को लेकर बनाए गए प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के लिए 11 नवम्बर को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि इसमें एनडीबी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस बैठक में नहर मरम्मत के प्रोजेक्ट को लेकर स्थिति साफ होने के आसार हैं। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद कुमार मित्तल ने बताया कि राजस्थान की नहरी समस्या का समाधान करवाने को लेकर पंजाब व राजस्थान के सीएम की वार्ता गत दिनों हुई थी। इसमें सरहिंद फीडर की मरम्मत के प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी थी। यह प्रोजेक्ट करीब २००९ से लंबित था। मरम्मत को लेकर सरहिंद फीडर के आसपास निर्माण सामग्री रखवा दी गई है। राजस्थान के लिए राहत देने वाली खबर है कि सरहिंद फीडर में मरम्मत के दौरान भाखड़ा नहर में बंदी नहीं ली जाएगी। क्योंकि राजस्थान के हितों को देखते हुए पंजाब ने सरहिंद फीडर के उस भाग को इस बार मरम्मत प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया है, जिससे राजस्थान को सिंचाई पानी का नुकसान होता। इस तरह राजस्थान में भाखड़ा नहर में नवम्बर मध्य में संभावित नहरबंदी संबंधी कयासों को विराम लग गया है।

करीब साठ वर्ष पहले हुआ निर्माण
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरहिंद फीडर का निर्माण करीब साठ वर्ष पहले हुआ था। लंबा समय बीत जाने के बावजूद मरम्मत के अभाव में इस नहर की हालत खस्ता हो गई थी। जगह-जगह से नहर की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे तय शेयर के अनुसार इसमें पानी चलाना संभव नहीं हो रहा। अब इसकी रीलाइनिंग का काम होने पर इस नहर की हालत सुधर सकेगी।

रबी फसल को नहीं दिक्कत
सरहिंद फीडर में मरम्मत कार्य होने के चलते राजस्थान में भाखड़ा नहर पर नवम्बर मध्य से दिसम्बर मध्य तक नहरबंदी की आशंका प्रबल हो गई थी। लेकिन जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद कुमार मित्तल ने पंजाब सरकार से पत्राचार करते हुए राजस्थान में रबी सीजन में की जा रही बिजाई का हवाला देते हुए सरहिंद फीडर की आरडी ४४१ व ४४७ के बीच मरम्मत कार्य को नवम्बर में करने की बजाय मार्च-अप्रैल में बंदी लेकर करने की सलाह दी। मगर इस सलाह को मानने को लेकर पंजाब के अधिकारी आनाकानी कर रहे थे। परंतु अब राजस्थान सरकार स्तर पर पंजाब सरकार से बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। इस तरह श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले की रबी फसल पूरी तरह से सुरक्षित हो गई है।

Published on:
10 Nov 2019 11:52 am
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