- हक का मिले सिंचाई पानी - गांव बोलांवाली में ऑडिट के नाम पर थमाए बिल
संगरिया. भाखड़ा संघर्ष समिति जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता का घेराव गुरुवार को करेगी। यह निर्णय बुधवार को गांव नुकेरा स्थित समाध भवन में हुई बैठक में लिया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मंगलवार को समिति का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य अभियंता से हनुमानगढ़ में जाकर मिला।
नहरबंदी सहित किसानों के हक का सिंचाई पानी देने के मसले पर चर्चा हुई पर ठोस आश्वासन नहीं मिलने से किसानों में भारी आक्रोश है। अब वे हनुमानगढ़ जाकर घेराव कर अपने हक का पानी लेकर रहेंगे। गांव, ढाणियों में किसानों से जनसंपर्क किया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया भाखड़ा परियोजना में पानी चलाने की मांग को लेकर पूर्व में विभागीय अधिकारियों से मिलने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
इससे लगता है सिंचाई पानी देरी से दिया जाएगा। संघर्ष समिति सदस्यों ने बताया वर्तमान में राजस्थान कैनाल में 6400 क्यूसेक पानी चल रहा है। भाखड़ा क्षेत्र के काश्तकारों को जल्द पानी नहीं दिया जाता है तो नरमा की बिजाई नहीं हो पाएगी। भाखड़ा में बंदी के बाद पानी नहीं देने से किसान नाराज हैं।
स्वच्छता संघर्ष समिति गठित
संगरिया. स्वच्छता संघर्ष समिति की बैठक आजादी बचाओ आंदोलन संयोजक मेजरसिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्व सम्मति से स्वच्छता संघर्ष समिति का गठन हुआ। वार्ड २५ के खेमचंद को समिति अध्यक्ष, विनोद मेघवाल कोषाध्यक्ष व जोगेंद्रसिंह सचिव मनोनीत किए गए। समिति वार्ड में मच्छर मारने की दवा छिड़काव, सड़क नाली के निर्माण, मलेरिया जागरुकता, सरकारी कल्याणकारी योजनाएं लोगों तक पहुंचाने सहित वार्ड हित समाज सेवा कार्यों को करेगी। अन्याय, शोषण व भेदभाव रोकने के लिए संघर्ष करेगी।
शिवसैनिकों व ग्रामीणों ने जताया विरोध
संगरिया. गांव बोलांवाली में ऑडिट के नाम पर थमाए गए हजारों रुपए की राशि के बिलों का ग्रामीणों व शिव सैनिकों ने विरोध जताया है। उन्होंने विद्युत निगम की इस कोताही पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि जिस उपभोक्ता के यहां ५०० रुपए का बिल आता था उसे ऑडिट के नाम पर ५ हजार रुपए का बिल थमा दिया गया। जिसे भरने में आम आदमी असमर्थ है। एक्सईएन भूपेंद्र चौधरी को समस्या बताने पर उन्होंने एईएन (ग्रामीण) विजय मीणा से बात करने को कहा।
जिस पर मंगलवार शाम वात्र्ता दौरान एईएन के भड़कने और कथित दुव्र्यवहार करने पर लोग आपे से बाहर हो गए। मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर समझाइश की। एईएन ने ग्रामीणों को १५०० रुपए एकबारगी जमा करवाने को कहा लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने ज्यादा राशि समायोजित कर हटाने को कहा। आखिरकार निगम अधिकारियों ने बढ़े बिजली बिलों को सेटलमेंट के जरिए कम करवाने का आश्वासन दिया तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए।