Diet For acidity, ulcers and intestines: अगर आप एसिडिटी, अल्सर और आंत से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त हैं तो आपके लिए कैसी डाइट होनी चाहिए,चलिए जानें।
आज आपको पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों में ब्लैंड डाइट लेने के बारे में बता रहे हैं। ये डाइट आपको इन रोगों से बचाती भी है और इन रोगों को ठीक करने में मदद भी करती है।
असल में ब्लैंड डाइट लो फाइबर फूड डाइट होती है जिसमें कम तेल और मसालों का यूज होता है। जिस किसी की भी पाचन शक्ति कमजोर हो वह इस डाइट को ले सकता है। ब्लैंड डाइट को खाने का अंतराल भी छोटा होता है। अगर आप पेट से जुड़ी बीमारियां जैसे अल्सर, पेट में छाले, गैस, एसिडटीज आदि से जूझ रहे तो आपको ब्लैंड डाइट ही लेनी चाहिए।
ब्लैंड डाइट क्या है? (Bland diet)
ब्लैंड डाइट यानी लो फाइबर वाले फूड। इन फूड को ब्लैंड कर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। ब्लैंड डाइट में फाइबर की मात्रा कम होती है। ब्लैंड डाइट को कम या बिना तेल और मसाले में तैयार किया जाता है। अगर आपको पेट की समस्या अक्सर रहती है तो आपको इस डाइट को लेना चाहिए। ब्लैंड डाइट का सेवन डायरिया, एसिड रिफ्लक्स, छाले, मितली आदि समस्याओं के दौरान फायदेमंद माना जाता है।
गर्मी के दिनों में फायदेमंद है ब्लैंड डाइट (Bland diet for summers)
गर्मी की बेस्ट डाइट में ब्लैंड डाइट शामिल है। गर्मी के कारण होने वाली गैस्टिक एसिडिटी से भी राहत मिलेगी और सीने में जलन की समस्या भी दूर होगी। ब्लैंड डाइट में मसाले न के बराबर होते हैं इसलिए आप उसे कभी भी खा सकते हैं।
ब्लैंड डाइट में क्या होना चाहिए? (Foods to be included in bland diet)
ब्लैंड डाइट में क्या शामिल न करें? (Foods to be avoided in bland diet)
ब्लैंड डाइट के फायदे (Benefits of bland diet in hindi)
ब्लैंड डाइट हमेशा शाकाहारी होनी चाहिए और यही डाइट आपकी पेट की बहुत सारी समस्या का इलाज है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।