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80-20 के नियम पर चलें, कोसों दूर जाएगा आलस, बॉडी रहेगी फिट

टीवी या मैग्जीन में किसी महिला की छरहरी काया देखकर अक्सर ईष्र्या से भर जाती हैं और सोचती हैं कि अब से आप अपना आलस छोडक़र

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Pawan Kumar Rana

Dec 06, 2017

Body ko fit kaise kare

Body ko fit kaise kare

आप आलसी हैं तो इसके मायने यह कतई नहीं हैं कि फिटनेस के लिए आपको काउच से उठकर भारी-भरकम वर्कआउट करना होगा। अपने रोजाना के काम में ही कुछ मूवमेंट्स को बढ़ा दीजिए, एक्सरसाइज के लिए खुद-ब-खुद प्रेरित हो जाएंगी।

अगर आप टीवी या मैग्जीन में किसी महिला की छरहरी काया देखकर अक्सर ईष्र्या से भर जाती हैं और सोचती हैं कि अब से आप अपना आलस छोडक़र फिटनेस के लिए जरूरी कदम उठाएंगी लेकिन नहीं कर पातीं। अगर आप दिल से चाहती हैं कि आप भी फिट कहलाएं लेकिन आप अपनी नई किताब को रखकर वर्कआउट करने या नेटफ्लिक्स पर अपनी पसंद की मूवी देखते हुए लगातार खाते रहने से खुद को रोक पाने के लिए प्रेरित ही नहीं हो पातीं तो कुछ कदम उठाकर आप खुद को आलस से मुक्त कर एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

जो अच्छा लगे, वही करें
जो काम आपको पसंद नहीं उसे करने में अपना समय बर्बाद न करें। इसकी बजाय अपनी पसंद का काम करें या अपना कोई छूटा हुआ शौक पूरा करना चाहती हैं तो उसे करने या सीखने में अपने समय का निवेश करना बेहतर होगा।

अपनी मेहनत पर फोकस करें
जब भी वर्कआउट करें तो इस बात पर फोकस करें कि आपने कितनी मेहनत की, न कि इस बात पर कि इसमें कितना वक्त लगा। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि इस बात की पूरी संभावना है कि दो घंटे तक की गई एक्सरसाइज से ज्यादा प्रभावी 20 मिनट की वह एक्सरसाइज हो, जिसे आपने पूरी मेहनत से किया है।


80-20 के नियम पर चलें
खुद पर प्रतिबंध लगाने से अच्छा है स्वस्थ फैसले लेना। बहुत से बॉडीबिल्डर और एथलीट इसे 80-20 का नियम भी कहते हैं। इसमें 80 फीसदी समय आपको अच्छा और सेहतमंद खाना होता है जिसमें फल, सब्जियां और दूसरे पोषक तत्व हों और बाकी के 20 फीसदी समय आप अपने मन का खा सकती हैं। वैसे भी पसंदीदा खाने पर पूरी तरह से रोक लगाने पर मन उसकी ओर ज्यादा आकर्षित होता है। इसलिए मन का भी खाएं।


आसान लक्ष्य तय करें
फिट होने की कोशिश शुरू करने से पहले ही कुछ महिलाएं मन में ऐसे फिगर की तस्वीर बना लेती हैं, जो वास्तविक नहीं होती। ऐसे फिगर मैग्जीन में ही देखे जा सकते हैं असल में नहीं, सो इन्हें अपना आदर्श न बनाएं। इसकी बजाय ऐसे लक्ष्य बनाएं, जिन्हें पूरा करना आसान हो जैसे खुद को डायबिटीज से सुरक्षित करना, किसी चोट से उबरना या डिप्रेशन से लडऩा। एक साथ ज्यादा वजन कम करने की न सोचें।

काम के साथ व्यायाम
घर और दफ्तर में जिस तरह आप मल्टीटास्किंग के साथ अपने काम निपटाती हैं वैसा ही कुछ वर्कआउट के साथ भी कीजिए। मसलन फोन पर बात करते-करते लंबी वॉक पर निकल जाएं। रिश्तेदारों से बात करके आप अपनी निराशा को भी दूर कर सकेंगी और खुद को फिट भी रख सकेंगी।

आरामदायक हो पहनावा
अगर आपको वर्कआउट के कपड़े पसंद नहीं तो वही पहने जो आपको आरामदायक लगता हो। ड्रेस ऐसी हो जिसमें आप सहज महसूस करें और घूमने या व्यायाम करने में परेशानी न हो। ज्यादा चुस्त या फिर ज्यादा ढीले कपड़ों में वर्कआउट न करें।