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सीमित मात्रा में ही खाएं सर्दी की ये खास चीजें

आयुर्वेद के अनुसार हमारा खानपान पौष्टिक और सरल होना चाहिए। मौसम के अनुसार भी कई चीजें ऐसी हैं जिन्हें इस मौसम में भरपूर खाया जाता है लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में लेना ही फायदेमंद है।
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Divya Sharma

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Updated: 27 Dec 2019, 1:29 PM IST

सीमित मात्रा में ही खाएं सर्दी की ये खास चीजें

सीमित मात्रा में ही खाएं सर्दी की ये खास चीजें

अक्सर सुनने में आता है कि सर्दी में पाचनतंत्र ज्यादा मजबूत रहता है। हर चीज आसानी से पच जाती है। फिर भी इस मौसम में आमतौर पर खाई जाने वाली चीजें सीमित मात्रा में ही लें। जोधपुर के डॉ. एसआरआर आयुर्वेद विश्वविद्यालय की डॉ. अनीता शर्मा के अनुसार तिल, गुड़ की मात्रा भी खानपान में सीमित होनी चाहिए।
तिल : गर्म प्रकृति का होने से तिल शरीर के तापमान को संतुलित रखता है। दिनभर में इसकी 5 ग्राम से ज्यादा मात्रा एसिडिटी, पाइल्स या अकारण ब्लीडिंग की वजह बन सकती है।
गुड़ : आयुर्वेद के अनुसार गुड़ ऊष्ण प्रकृति का है जिसेे सर्दी के मौसम में खाने से हाजमा सही रहता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। विशेषकर दूध के साथ गुड़ खाना आयुर्वेद के अनुसार विरुद्ध आहार माना गया है। इससे एलर्जी हो सकती है। इसलिए दिनभर में केवल 25 ग्राम की मात्रा में गुड़ खाना ठीक रहता है।
बाजरा : सर्दी के मौसम में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला अनाज है बाजरा। शरीर में पित्त बढ़ाने वाली चीजें जैसे लहसुन की चटनी, बेसन की मिर्च या तिल के तेल से तैयार चीजों के साथ बाजरे से बनी रोटी और चूरमा आदि नहीं खाना चाहिए।
मूंगफली : इसे छीलकर ही खाना चाहिए। मार्केट में मिलने वाली छिली हुई नमकीन व तली मूंगफली, शरीर में खराब चर्बी को बढ़ाने, ब्लड प्रे्रशर अनियंत्रित करने, एसिडिटी, भूख घटाने का कारण बनती है। मूंगफली खाकर पानी पीने से कफ बनता है। गुनगुना पानी पीएं। 50 ग्राम मात्रा खाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।