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Seasonal Food: क्या आप भी 12 महीने खाते हैं गेहूं की रोटी? सावधान! यह गलती आपके पेट को बना देगी बीमारियों का घर

Seasonal Food: क्या हर मौसम में एक ही रोटी खाना सेहत के लिए सही है? जानिए गेहूं, बाजरा, रागी और ज्वार की रोटी किस मौसम में सबसे बेहतर रहती है।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 04, 2026

Seasonal Food

Seasonal Food (photo- gemini ai)

Seasonal Food: भारत के ज्यादातर घरों में रोटी रोज के खाने का हिस्सा होती है। गेहूं की रोटी तो जैसे हर मौसम की फिक्स चीज बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या एक ही तरह की रोटी पूरे साल शरीर के लिए सही रहती है? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हमारी पारंपरिक खानपान की आदतें मौसम के हिसाब से बदली जाती थीं, और इसके पीछे पक्की वजह थी। असल में, हमारा पाचन तंत्र मौसम के साथ बदलता है। सर्दियों में पाचन शक्ति मजबूत होती है, जबकि गर्मियों में भारी खाना शरीर पर ज्यादा असर डाल सकता है। इसी वजह से पुराने समय में लोग मौसम के हिसाब से अनाज बदलते थे।

मौसम के हिसाब से रोटी क्यों जरूरी है?

गर्मियों में शरीर हल्का और ठंडा खाना चाहता है, ताकि पेट पर ज्यादा जोर न पड़े। वहीं सर्दियों में शरीर को ज्यादा एनर्जी और गर्म तासीर वाले खाने की जरूरत होती है। अगर हम हर मौसम में एक ही अनाज खाते रहें, तो गैस, भारीपन और पाचन की दिक्कतें हो सकती हैं।

गेहूं की रोटी: हल्के मौसम के लिए सही

गेहूं की रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली रोटी है। इसे बनाना आसान है और यह ज्यादातर लोगों को सूट करती है। गेहूं की रोटी बसंत और हल्की सर्दियों के लिए बेहतर मानी जाती है, जब पाचन ठीक रहता है। यह शरीर को एनर्जी देती है और ज्यादा भारी भी नहीं लगती। लेकिन तेज गर्मी या कड़ाके की सर्दी में सिर्फ गेहूं की रोटी खाना हर किसी के लिए सही नहीं होता।

बाजरे की रोटी: सर्दियों की दोस्त

बाजरे की रोटी खासतौर पर सर्दियों में खाई जाती है। उत्तर भारत और पश्चिमी भारत में यह ठंड के मौसम में बहुत लोकप्रिय है। बाजरा शरीर को गर्म रखता है और ठंड में ताकत देता है। यह गेहूं से थोड़ा भारी होता है और देर से पचता है, इसलिए सर्दियों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। अक्सर इसे घी या गुड़ के साथ खाया जाता है, जिससे इसका रूखापन कम होता है।

रागी की रोटी: गर्मियों के लिए बेहतर

रागी की रोटी हल्की और ठंडी तासीर वाली मानी जाती है। गर्मियों में जब भारी खाना पचाना मुश्किल होता है, तब रागी पेट को आराम देती है। दक्षिण भारत में रागी को गर्मियों का अनाज माना जाता है। हालांकि सर्दियों में ज्यादा रागी खाने से कुछ लोगों को शरीर में अकड़न या ठंड लग सकती है।

ज्वार और मक्का: सीमित मात्रा में

ज्वार और मक्के की रोटी पेट भरने वाली होती है, लेकिन इनकी तासीर थोड़ी सूखी होती है। ये अनाज उन लोगों के लिए ज्यादा ठीक रहते हैं, जिनकी पाचन शक्ति अच्छी हो और जो शारीरिक मेहनत ज्यादा करते हों। इसलिए गांवों और खेतों में काम करने वाले लोग इन्हें ज्यादा खाते हैं।