
Which juice is best for diabetic patients in summer?
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मधुमेह रोगियों के लिए गर्मियों में कौन से जूस फायदेमंद होते हैं? किसी भी जूस का सेवन रक्त शर्करा को असंतुलित कर सकता है।
आम: Mango
आम, गर्मियों का स्वादिष्ट फल, ग्लाइसेमिक इंडेक्स के पैमाने पर 50-56 के बीच अंक प्राप्त करता है। इसका मतलब है कि यदि आपका ब्लड शुगर नियंत्रण में है, तो आप सप्ताह में 3 बार आम का सेवन कर सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम का रस, जिसे मैंगो शेक के नाम से भी जाना जाता है, डायबिटीज रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है?
गन्ने का जूस: Sugarcane juice
गर्मियों में ठंडा गन्ने का रस पीना बहुत पसंद किया जाता है। लेकिन डायबिटीज रोगियों के लिए यह बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है। गन्ने का जूस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 72 होता है, जो काफी ज्यादा होता है। इसका मतलब है कि इसका सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर तेज़ी से बढ़ सकता है।
डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर नियंत्रण में रखना बहुत ज़रूरी होता है, इसलिए उन्हें गन्ने का जूस पीने से सख्ती से मना किया जाता है।
नारियल पानी: Coconut water
गर्मियों में प्यास बुझाने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए नारियल पानी एक बेहतरीन विकल्प है। डायबिटीज रोगियों के लिए भी नारियल पानी फायदेमंद हो सकता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 68 होता है, जो अपेक्षाकृत कम है। इसका मतलब है कि नारियल पानी पीने से ब्लड शुगर का स्तर तेज़ी से नहीं बढ़ता है।
छाछ Buttermilk
गर्मियों में ठंडी छाछ न केवल प्यास बुझाती है, बल्कि यह डायबिटीज रोगियों के लिए भी एक हेल्दी ऑप्शन है। छाछ में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, छाछ में कैलोरी और वसा की मात्रा कम होती है, जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयुक्त बनाती है। डायबिटीज रोगी अपनी दैनिक डाइट में छाछ को शामिल कर सकते हैं।
तरबूज: Watermelon
गर्मियों में तरबूज एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है। यदि आपका ब्लड शुगर नियंत्रण में है, तो आप इसका सेवन कर सकते हैं। लेकिन, डायबिटीज रोगियों को तरबूज का जूस पीने से बचना चाहिए। क्योंकि तरबूज का जूस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 72 होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को तेज़ी से बढ़ा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
13 Apr 2024 02:42 pm
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