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फेफड़ों में जमा कफ पिघलाकर बाहर निकाल देंगी ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां, सूजन-सांस फूलने की समस्या होगी दूर

Lungs-asthma treatment: कोविड संक्रमित ही नहीं, अस्थमा और लंग्स की समस्या से जूझ रहे लोग फेफेड़े में कफ और बलगम में जमने से परेशान रहते हैं, लेकिन कुछ आयुर्वेदिक हर्ब्स इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं।

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Ritu Singh

May 07, 2022

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5 ayurvedic herbs expel phlegm cough from lungs asthma treatment

फेफड़े की बीमारियों में सांस लेने में तकलीफ-बार-बार कफ या बलगम का निकलना बना रहता है। कई बार श्वास की नली में सूजन और बलगम के कारण सांस लेना भी मुश्किल होने लगता है।


अस्थमा में भी सांस की कमी, सीने में जकड़न या दर्द, सांस छोड़ते समय घरघराहट होना, सांस लेने में तकलीफ या खांसी के वजह से बहुत परेशानी होती है। आयुर्वेद ने अस्थमा को असंतुलित कफ, वात और पित्त दोष के लिए जिम्मेदार ठहराया है, जिससे सूखी खांसी, शुष्क त्वचा, चिड़चिड़ापन, बुखार, चिंता और कब्ज होता है। अस्थमा के लिए आयुर्वेदिक उपचार भी बेहतर विकल्प है। तो चलिए जानें लंग्स के इंफेक्शन से लेकर संक्रमण तक में कौन से हर्ब्स बलगम को पिघलाने का काम करते हैं।

हर्बल टी
लंग्स में बलगम या कफ जमा हो या अस्थमा की समस्या हो तो हर्बल टी बहुत काम आएगी। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनी हर्बल टी पीने से उनकी गर्माहट से कफ या बलगम पतली हो जाती हैं और बाहर निकलने लगती है। अजवायन, तुलसी, काली मिर्च और अदरक के मिश्रण से बनी हर्बल चाय अस्थमा के रोगियों के लिए बेहतर उपाय है क्योंकि यह कफ को खत्म करती है।

शहद और प्याज
एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच शहद और थोड़ा प्याज का रस और थोड़ी सी काली मिर्च मिलकार पीएं। ये लंग्स को साफ करेगी और कफ और बलगम को आसानी से पिघला देगी। इससे कंजेशन दूर होगा और सांस लेना आसान होगा।

सरसों तेल की मसाज
सरसों के तेल में लहसुन और अजवाइन मिलाकर पका लें और इसी तेल से सीने पर मालिश करें। कफ पिघलने लगेगी। मालिश करने से फेफड़ों को गर्माहट मिलती है जिससे छाती में जमा कफ दूर होता है और सांस लेना आसान बनता है।

हल्दी की चाय
करक्यूमिन हल्दी में पाया जाने वाला सबसे शक्तिशाली तत्व है और इसकी वजह से हल्दी का रंग पीला होता है। हल्दी में कुछ औषधीय और एंटीऑक्सीडेंट घटक शामिल हैं, जिनमें से सूजन को रोकने की इसकी क्षमता है। इसके लिए आप हल्दी का पानी या चाय पी सकते हैं।

शहद और लौंग
फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए लौंग और शहद का मिश्रण एक परफेक्ट रेमेडी है। आप अस्थमा के लक्षणों से राहत पाने के लिए एक गिलास गर्म पानी और शहद के साथ लौंग चबा सकते हैं। यह क्रोनिक ब्रोन्कियटिस, लंग इंफेक्शन, बलगम और अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए बहुत मददगार है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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