
5 ayurvedic herbs to control high blood pressure or hypertension
स्ट्रेसफुल और बिजी लाइफ के साथ ही आरामदायक लाइफस्टाइल और जंक फूड खाने की ललक इस बीमारी का बड़ा कारण बन रही है। खास कर युवाओं में ये बीमरी अब ज्यादा इसी कारण नजर आती है। वहीं कई बार ये कुछ बीमारियों के कारण भी हाई बीपी की समस्या होती है। हाई बीपी साइलेंट किलर की तरह होता है, जिसके लक्षण अचानक से उभरते हैं।
स्ट्रेसफुल और बिजी लाइफ के साथ ही आरामदायक लाइफस्टाइल और जंक फूड खाने की ललक इस बीमारी का बड़ा कारण बन रही है। खास कर युवाओं में ये बीमरी अब ज्यादा इसी कारण नजर आती है। वहीं कई बार ये कुछ बीमारियों के कारण भी हाई बीपी की समस्या होती है। हाई बीपी साइलेंट किलर की तरह होता है, जिसके लक्षण अचानक से उभरते हैं।
हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World Hypertension Day) लोगों को इस बीमारी के प्रति आगाह और जागरुक करने के लिए मनाया जाता है। तो चलिए आपको आज बताएं कि वो 5 हर्ब्स कौन से हैं जिनसे तुरंत ब्लड प्रेशर लो किया जा सकता है।
ये हर्ब्स कंट्रोल करेंगे हाई ब्लड प्रेशर-These herbs will control high blood pressure
अर्जुन की छाल
अर्जुन के पेड़ की छाल हाई बीपी की बहुत ही कारगर दवा मानी जाती है। बीपी के साथ ये कोलेस्ट्रॉल को भी पिघलाती है। अर्जुन की छाल की चाय पीने से हाई बीपी लो होता है। इसके लि अर्जुन छाल का पाउडर करीब 6 ग्राम लेककर उसे एक गिलास पानी में उबाल लें और एक कप होने पर इसे पी लें। चाहें तो गुनगुने पानी से आप इस छाल के पाउडर को यूं भी खा सकते हैं।
अश्वगंधा का सेवन
स्ट्रेस और काम के दबाव से हाई बीपी सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में अगर आप अश्वगंधा का सेवन करें तो इस समस्या से बच सकेंगे। अश्वगंधा एंटी स्ट्रेस की तरह काम करती है। साथ ही ये ब्लड वेसेल्स की ब्लॉकेज को दूर कर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। हाई बीपी में एक चम्मच अश्वगंधा एक गिलास दूध के साथ लेने से कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। इसे गुनगुने पानी से भी लिया जा सकता है।
दालचीनी का सेवन
दालचीनी में विटामिन और खनिज के साथ ही पोटेशियम, जिंक, थायमिन, राइबोफ्लेविन कैल्शियम, फाइबर, आयरन के साथ-साथ एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होता है। ये सारी ही चीजें हाई बीपी को कंट्रोल करने के काम आती हैं। इसके लिए रात में दालचीनी को पानी में भिगा दें और अगले दिन इसके पानी को पी जाएं। इसके अलावा इसकी चाय, या काढ़ा पीना भी बहुत फायदेमंद होता है।
चुकंदर का रस
नाइट्रेट, पोटेशियम, फाइटोकेमिकल, और मैग्नीशियम से भरा चुकंदर हाई बीपी में दवा की तरह काम करता है। चुकंदर में कई ऐसे मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ब्लड के प्रेशर को कम करते हैं। इसमें पाए जाने वाला नाइट्रेट शरीर में जाते ही नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है और इससे ब्लड वेसेल्स यानि नसें चौड़ी होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन सही हो जाता है। चुकंदर का जूस, सलाद या स्मूदी किसी भी रूप में सेवन किया जा सकता है।
त्रिफला
हरड़, आंवला और बहेड़ा तीनों बराबर मात्रा में पीसकर रख लें। ये त्रिफला के नाम से बाजार में भी मिलता है। ये हाई बीपी की बेहतरीन औषधि है। ये ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के साथ ही नसों की ब्लॉकेज को भी दूर करता है। रात्रि भोजन के 2 घंटे बाद एक चम्मच त्रिफला चूर्ण लेना लाभकारी होता है। रक्तचाप को नियंत्रित करने के अलावा ये पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है।
विटामिन सी युक्त नींबू
नींबू रक्त वाहिकाओं को लचीला और कोमल बनाए रखने में मदद करता है। नींबू के रस से ट्राईग्लिसेराइड लेवल कम होता है इसलिए इसका उपयोग करना उच्च रक्तचाव वाले मरीजों के लिए फायदेमंद है। एक गीलास पानी में आधा नींबू नीचोड़कर तीन-तीन घंटे में सेवन करने से रक्तचाप संतुलित रहता है। इसके रस का सेवन चाय या गर्म पानी में मिलाकर करना भी उच्च रक्तचाप में लाभकारी है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Published on:
11 May 2022 02:04 pm
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