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एंजाइटी दूर करने में मदद कर सकते हैं ये पदार्थ

एंग्जाइटी और तनाव को कम करने में पोटेशियम और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ कारगर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे खाद्य पदार्थ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को नियमित करने में सहायक होते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में पंपकिन सीड्स और केला को शामिल कर सकते हैं।

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Best Foods To Calm Anxiety In Hindi

Best Foods To Calm Anxiety In Hindi

आजकल लोग जिंदगी की भागदौड़ में इतने व्यस्त हो गए हैं कि स्वयं के लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं। घर-परिवार, काम आदि की चिंता में व्यक्ति दिन-रात घुलता रहता है। जब व्यक्ति किसी गहरी सोच में डूब जाता है तो एंग्जाइटी, घबराहट तथा तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह समस्या किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है, बल्कि किसी को भी एंग्जाइटी हो सकती है। अपनी दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान ना देने के कारण यह एंग्जाइटी धीरे-धीरे बढ़ सकती है। जिससे आप हमेशा ही तनाव महसूस करने लगते हैं। लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनके सेवन से आपके मूड को बेहतर रखने में मदद मिलती है। तो आइए जानते हैं एंग्जाइटी को कम करने के लिए कौन से खाद्य पदार्थ फायदेमंद हो सकते हैं...

1. मैग्नीशियम, पोटेशियम युक्त पदार्थ
एंग्जाइटी और तनाव को कम करने में पोटेशियम और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ कारगर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे खाद्य पदार्थ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को नियमित करने में सहायक होते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में पंपकिन सीड्स और केला को शामिल कर सकते हैं। ये दोनों ही चीजें पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत होती हैं। साथ ही इन्हें खाने से उच्च रक्तचाप की समस्या में भी आराम मिलता है।

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2. किशमिश और केसर खाएं
किशमिश और केसर का सेवन करने के लिए आप केसर के 4-5 धागे और 10-12 किशमिश के दानों को एक साथ पानी में भिगोकर रख दें। और रात को सोने से पहले इनका सेवन कर लें। ये चीजें आपके शरीर में हैप्पी हारमोंस को बैलेंस करने में मदद करती हैं जिससे एंग्जाइटी को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह एंग्जाइटी दूर करने का कोई इलाज नहीं है, परंतु इनके सेवन से आपका मूड बेहतर हो सकता है। लेकिन आपको किसी चीज से एलर्जी है तो केसर और इलायची के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।

3. दही का सेवन
दही में ऐसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। दही में बिफीडोबैक्टीरिया और लैक्टोबैसिलस जैसे गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं। एक शोध के अनुसार, दही के साथ अन्य दुग्ध उत्पाद भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव प्रदर्शित करते हैं, जिससे क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन का जोखिम कम किया जा सकता है। आपको बता दें कि कुछ हद तक क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन एंजाइटी और तनाव के लिए जिम्मेदार कारक हो सकता है। इसलिए एंग्जाइटी में दही का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

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